हाईकोर्ट के आदेश पर कब्र से निकाला गया युवक का शव
Spread the love

काशीपुर में बड़ा मोड़: सुसाइड या मर्डर? हाईकोर्ट के आदेश पर कब्र से निकाला गया युवक का शव, दोबारा होगा पोस्टमार्टम

काशीपुर: जसपुर (काशीपुर) के नई बस्ती कटोराताल इलाके में फंदे पर लटके मिले युवक मुरसलीन की मौत का मामला अब एक नया और बेहद पेचीदा मोड़ ले चुका है. शुरुआती जांच में जिसे महज एक आत्महत्या माना जा रहा था, पीड़ित परिवार के कानूनी संघर्ष के बाद अब उसमें हत्या (मर्डर) का गहरा शक गहरा गया है. हाईकोर्ट के कड़े आदेश के बाद शनिवार को भारी पुलिस बल और प्रशासनिक अधिकारियों की मौजूदगी में मृतक युवक के शव को दफनाने के कई दिनों बाद दोबारा कब्र से बाहर निकाला गया. इस पूरी प्रक्रिया के दौरान स्वास्थ्य विभाग और फॉरेंसिक एक्सपर्ट्स की टीमें भी मौके पर मुस्तैद रहीं.

आत्महत्या की थ्योरी पर उठे गंभीर सवाल, कमरे में मिला खून:

गौरतलब है कि 17 मई 2026 की सुबह नई बस्ती कटोराताल निवासी इमरान अली के बेटे मुरसलीन का शव उसके घर की तीसरी मंजिल के एक कमरे में फंदे से लटका हुआ बरामद हुआ था. उस वक्त मौके पर पहुंची पुलिस ने पंचनामा भरकर शव का पोस्टमार्टम कराया, जिसमें प्राथमिक रूप से मौत की वजह दम घुटना बताते हुए खुदकुशी की आशंका जताई गई थी, जिसके बाद परिजनों ने शव को दफना दिया था. हालांकि, कहानी तब बदली जब मृतक के पिता इमरान अली ने घटनास्थल का दोबारा बारीकी से निरीक्षण किया. पिता का आरोप है कि कमरे के भीतर कई जगह खून के गहरे निशान और खून से सनी एक चादर मिली. इसके अलावा मुरसलीन के सिर और चेहरे पर गंभीर चोटों के निशान थे, जो किसी भी तरह आत्महत्या की कहानी से मेल नहीं खा रहे थे. इसी आधार पर पिता ने आशंका जताई कि उनके बेटे की बेरहमी से हत्या की गई है.

यह भी पढ़ें 👉 बड़ी खबर: सरकारी रिकॉर्ड खंगाला तो सामने आया तीसरी संतान का सच, बागेश्वर में जिला पंचायत सदस्य पर चली प्रशासन की कैंची!

प्रेम प्रसंग का एंगल और हाईकोर्ट की दखल:

परिजनों के मुताबिक, मुरसलीन का मोहल्ले की ही एक युवती के साथ लंबे समय से प्रेम प्रसंग चल रहा था, जिसका युवती के भाई और परिवार वाले कड़ा विरोध करते थे. पीड़ित परिवार का दावा है कि इस रिश्ते को लेकर मुरसलीन को पहले भी कई बार जान से मारने की धमकियां दी जा चुकी थीं. पीड़ित पक्ष के अधिवक्ता मोहम्मद अलीम ने स्थानीय पुलिस पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि मामले में पुलिस द्वारा शुरुआत से ही ढीली और देरी से कार्रवाई की गई. एसएसपी, एसडीएम और जिलाधिकारी तक शिकायत दर्ज कराने के बाद भी जब कोई इंसाफ नहीं मिला, तो बेबस परिवार ने आखिरकार नैनीताल हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया. अदालत में जब चोटों और घटनास्थल से जुड़े पुख्ता फोटोग्राफ्स पेश किए गए, तो हाईकोर्ट ने मामले को गंभीरता से लेते हुए 3 जून को शव का दोबारा (Re-postmortem) कराने का ऐतिहासिक आदेश जारी किया.

यह भी पढ़ें 👉 हल्द्वानी ब्रेकिंग: सिटी मजिस्ट्रेट एपी वाजपेयी का बड़ा चाबुक,घनी आबादी के बीच बिना फायर NOC के चल रहा 9 लाख लीटर का अवैध पेंट गोदाम सील!

कब्र से निकाला गया शव, अब दूसरी रिपोर्ट पर टिकी नजरें:

हाईकोर्ट के इसी सख्त आदेश के क्रम में उपजिलाधिकारी (SDM) काशीपुर अभय प्रताप सिंह ने बताया कि सभी तय कानूनी और प्रशासनिक गाइडलाइंस का पालन करते हुए शव को कब्र से गरिमापूर्ण तरीके से बाहर निकाला गया है. इस दौरान फॉरेंसिक विशेषज्ञ, मेडिकल अधिकारी, राजस्व विभाग और भारी पुलिस बल की संयुक्त टीम ग्राउंड जीरो पर तैनात रही. उधर, पीड़ित परिवार ने स्थानीय पुलिस की कार्यप्रणाली पर अविश्वास जताते हुए पूरे मामले की निष्पक्ष जांच आईजी (IG) स्तर के किसी वरिष्ठ अधिकारी की निगरानी में कराने की मांग की है. फिलहाल, कब्र से शव निकाले जाने के बाद अब सभी की निगाहें दूसरी पोस्टमार्टम और फॉरेंसिक रिपोर्ट पर टिक गई हैं, जिससे मुरसलीन की मौत का असली सच और कातिलों का चेहरा बेनकाब होने की उम्मीद है.


Spread the love