देवभूमि जन हुंकार, बाजपुर (ऊधमसिंह नगर / नैनीताल): उत्तराखंड के उधमसिंह नगर जनपद के अंतर्गत आने वाले बाजपुर विधानसभा क्षेत्र से एक बहुत बड़ी और सनसनीखेज खबर सामने आ रही है। सड़कों पर जलभराव की गंभीर समस्या से उपजे आक्रोश के बीच एक विरोध प्रदर्शन के दौरान भाजपा नेता और पूर्व दर्जा राज्य मंत्री राजेश कुमार पर एक पीडब्ल्यूडी (PWD) अधिकारी के साथ कथित तौर पर अभद्रता, मारपीट और उनके मुंह पर मिट्टी पोतने का गंभीर आरोप लगा है। इस घटना का वीडियो सामने आने के बाद से पूरे प्रदेश की राजनीति में हड़कंप मच गया है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, बाजपुर क्षेत्र में सड़कों पर जलभराव और सीवर की समस्या लंबे समय से नासूर बनी हुई है, जिससे स्थानीय नागरिकों का जीना मुहाल हो चुका है। इसी जनसमस्या को लेकर भाजपा नेता एवं पूर्व दर्जा राज्य मंत्री राजेश कुमार स्थानीय नागरिकों के साथ मिलकर विरोध प्रदर्शन कर रहे थे और मौके पर पहुंचे विभागीय अधिकारियों से जवाब मांग रहे थे।
इसी दौरान बातचीत और विरोध के बीच माहौल अचानक बेहद तनावपूर्ण हो गया। आरोप है कि आक्रोशित भीड़ और नेताओं की मौजूदगी में पीडब्ल्यूडी के एक जिम्मेदार अधिकारी के साथ कथित तौर पर हाथापाई और धक्का-मुक्की की गई। स्थिति इतनी बिगड़ गई कि आरोप है कि अधिकारी के साथ लात-घूंसों से मारपीट की गई और उनके मुंह पर मिट्टी तक पोत दी गई।
इस पूरी घटना का सबसे चौंकाने वाला पहलू यह बताया जा रहा है कि जिस समय यह हंगामा और मारपीट चल रही थी, उस वक्त मौके पर एसडीएम (SDM) समेत कई अन्य प्रशासनिक और पुलिस अधिकारी भी वहीं मौजूद थे। अधिकारियों के सामने इस तरह खुलेआम कानून हाथ में लेने और एक सरकारी अधिकारी के साथ बदसलूकी होने का वीडियो अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जो प्रशासनिक सुस्ती और कानून-व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर रहा है।
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चूंकि बाजपुर विधानसभा क्षेत्र उत्तराखंड विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य का अपना निर्वाचन क्षेत्र है, इसलिए इस घटना ने तूल पकड़ने में देर नहीं लगाई। विपक्ष और स्थानीय राजनीतिक दलों ने इस घटना को लेकर सरकार और स्थानीय प्रशासन को घेरना शुरू कर दिया है।
हालांकि, इस पूरे मामले को लेकर अभी तक संबंधित पक्षों या आरोपियों की तरफ से कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। पुलिस और प्रशासन के उच्च अधिकारी वायरल वीडियो की गहनता से जांच कर रहे हैं। अधिकारियों का कहना है कि वीडियो की सत्यता की जांच और आधिकारिक तहरीर मिलने के बाद ही इस मामले में आगे की कानूनी और वैधानिक कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
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