Uttarakhand Food Safety And Drug Administration Notice Representing Milk Sample Failures In Haldwaniहल्द्वानी में खाद्य सुरक्षा विभाग द्वारा जारी दूध के सैंपल फेल होने की आधिकारिक प्रेस विज्ञप्ति।
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देवभूमि जन हुंकार, हल्द्वानी / नैनीताल: उत्तराखंड के नैनीताल जनपद के हल्द्वानी शहर में दूध की शुद्धता और गुणवत्ता को लेकर एक बहुत बड़ी और सनसनीखेज रिपोर्ट सामने आई है। खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन द्वारा की गई छापामार कार्रवाई के दौरान भरे गए दूध के नमूनों की प्रयोगशाला जांच रिपोर्ट आ गई है, जिसमें 5 दूध के सैंपल मानकों पर पूरी तरह फेल पाए गए हैं। विभाग ने इन सभी नमूनों को ‘Substandard’ (अधोमानक) घोषित कर दिया है और संबंधित कारोबारियों के खिलाफ विधिक कार्रवाई शुरू कर दी है।

प्राप्त आधिकारिक विज्ञप्ति के अनुसार, जिला मजिस्ट्रेट नैनीताल के निर्देशों के क्रम में जनपद में खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए व्यापक अभियान चलाया जा रहा है। इसी क्रम में दिनांक 05.08.2026 को सहायक आयुक्त / नामित अधिकारी नैनीताल श्री ए.एस. रावत के नेतृत्व में खाद्य सुरक्षा अधिकारी अभय कुमार सिंह द्वारा नगर निगम हल्द्वानी क्षेत्र के विभिन्न कम्पनियों व वितरकों से विभिन्न प्रकार के दूध के नमूने संग्रहित किए गए थे और उन्हें जांच हेतु भेजा गया था।

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🧪 राज्य खाद्य प्रयोगशाला रुद्रपुर की रिपोर्ट में खुलासा

राज्य खाद्य प्रयोगशाला रुद्रपुर से प्राप्त खाद्य विश्लेषक रिपोर्ट के अनुसार, निम्नलिखित 5 दूध के नमूने निर्धारित मानकों के अनुरूप नहीं पाए गए हैं:

  1. परम स्टैंडर्ड मिल्क: इसमें मिल्क फैट निर्धारित न्यूनतम 4.5% के सापेक्ष मात्र 3.75% पाया गया।

  2. मधुसूदन काऊ मिल्क: इसमें मिल्क फैट 3.2% के सापेक्ष 3.11% एवं SNF 8.3% के सापेक्ष 8.0% पाया गया।

  3. हेल्थवेज स्टैंडर्ड मिल्क: इसमें मिल्क फैट 4.5% के सापेक्ष 4.27% एवं SNF 8.5% के सापेक्ष भारी कमी के साथ मात्र 7.21% पाया गया।

  4. गाय व भैंस का खुला मिक्स दूध: इसमें मिल्क फैट 4.5% के सापेक्ष बेहद कम 2.96% एवं SNF 8.5% के सापेक्ष मात्र 6.59% पाया गया।

  5. मदर डेयरी काऊ मिल्क: इसमें मिल्क फैट निर्धारित न्यूनतम 3.2% के सापेक्ष 3.04% पाया गया।

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आम जनता के लिए एक राहत भरी बात यह सामने आई है कि प्रयोगशाला विश्लेषण रिपोर्ट के अनुसार उक्त नमूनों में स्टार्च, यूरिया, नमक, न्यूट्रलाइजर, शुगर और कृत्रिम सिंथेटिक रंग की जांच निगेटिव (Negative) पाई गई है। यानी दूध में खतरनाक केमिकल्स या यूरिया की मिलावट की पुष्टि नहीं हुई है।

तथापि, दूध में निर्धारित मानकों से कम मिल्क फैट एवं/अथवा सॉलिड नॉट फैट (SNF) पाए जाने के कारण संबंधित नमूनों को खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम, 2006 तथा नियम/विनियमावलियों के अंतर्गत Substandard (अधोमानक) घोषित किया गया है।

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खाद्य सुरक्षा विभाग द्वारा संबंधित खाद्य कारोबारियों के विरुद्ध खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम, 2006 के प्रावधानों के अनुसार आवश्यक अग्रिम विधिक कार्रवाई की प्रक्रिया अपनाई जा रही है। खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन ने आम जनमानस से अपील की है कि वे खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता और सुरक्षा के प्रति पूरी तरह सजग रहें तथा किसी भी प्रकार की मिलावट अथवा संदिग्ध खाद्य पदार्थ की सूचना तुरंत संबंधित खाद्य सुरक्षा विभाग को दें।


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