नैनीताल में केंद्रीय टीम का आपदा प्रभावित क्षेत्रों का दौरा, ₹443 करोड़ से अधिक की क्षति का आंकलन
जिलाधिकारी ने सड़कों, भवनों व नदियों में हुई तबाही का प्रस्तुत किया ब्यौरा
हल्द्वानी, 9 सितंबर। भारत सरकार की अंतर मंत्रालीय केंद्रीय टीम मंगलवार को जनपद नैनीताल में मानसून काल के दौरान हुई क्षति का आंकलन करने के लिए भ्रमण पर पहुंची। टीम ने सबसे पहले हल्द्वानी सर्किट हाउस में जिला प्रशासन और विभागीय अधिकारियों के साथ बैठक कर विस्तृत जानकारी प्राप्त की।

बैठक में जिलाधिकारी वंदना ने केंद्रीय टीम का स्वागत करते हुए आपदा से हुई क्षति का ब्यौरा प्रस्तुत किया। उन्होंने बताया कि मानसून काल में जनपद को लगभग ₹443.42 करोड़ का नुकसान हुआ है। इसमें आपदा न्यूनीकरण मद में ₹285 करोड़, जबकि विभिन्न विभागीय परिसंपत्तियों को ₹158 करोड़ का नुकसान आंका गया है।
जिलाधिकारी ने बताया कि सबसे अधिक क्षति लोक निर्माण विभाग, सिंचाई, ऊर्जा, ग्रामीण निर्माण, पेयजल और शिक्षा विभाग को हुई है। उन्होंने विशेष रूप से हल्द्वानी-भीमताल-अल्मोड़ा सड़क मार्ग का उल्लेख किया, जो रानीबाग मोटर पुल के पास पहाड़ कटान की गंभीर समस्या से प्रभावित रहा और वर्षांत में लगातार बंद होता रहा। इस समस्या के स्थायी समाधान की आवश्यकता पर भी उन्होंने बल दिया।

प्रस्तुतीकरण के माध्यम से टीम को जिले में क्षतिग्रस्त विद्यालय भवनों, सड़क मार्गों, सिंचाई गूलों, सरकारी परिसंपत्तियों, नदी तटों और जलभराव प्रभावित क्षेत्रों की जानकारी दी गई। गोलापार, चोरगलिया, लालकुआं, हल्द्वानी, रानीबाग और रामनगर सहित कई पहाड़ी क्षेत्रों में हुई क्षति का विवरण भी प्रस्तुत किया गया। साथ ही गोला, कोसी, नंधौर जैसी नदियों में हुए भू-कटाव और प्रभावित गांवों व शहरी क्षेत्रों की स्थिति से भी टीम को अवगत कराया गया।
बैठक के उपरांत केंद्रीय टीम ने जिलाधिकारी व अन्य अधिकारियों के साथ आपदा प्रभावित क्षेत्रों का स्थलीय निरीक्षण किया। टीम ने इंदिरा गांधी स्टेडियम गोलापार, गोला पुल, सूखी नदी और चोरगलिया क्षेत्रों में जाकर क्षति का प्रत्यक्ष आकलन किया।
टीम में भारत सरकार के कृषि मंत्रालय के निदेशक वीरेंद्र कुमार, केंद्रीय जल आयोग के अधीक्षण अभियंता सुधीर कुमार और निदेशक यूएलएमएमसी शांतनु सरकार शामिल रहे।
इस दौरान जिले से प्रभागीय वनाधिकारी कुंदन कुमार, अपर जिलाधिकारी शैलेन्द्र सिंह नेगी, विवेक रॉय, पुलिस अधीक्षक प्रकाश चंद्रा सहित विभिन्न जिला स्तरीय अधिकारी उपस्थित रहे।
