पिथौरागढ़ में कांग्रेस के परिवर्तन संकल्प सम्मेलन के मंच पर प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल की मौजूदगी में हंगामा करते कार्यकर्ता और वॉकआउट करते विधायक मयूख महर
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पिथौरागढ़ में कांग्रेस का ‘परिवर्तन’ या ‘विवाद’? भावना नगरकोटी के भाषण पर भड़के मयूख महर, 3 को नोटिस

पिथौरागढ़: विधानसभा चुनाव 2027 की तैयारियों के मद्देनजर उत्तराखंड कांग्रेस द्वारा शुरू किया गया ‘परिवर्तन संकल्प सम्मेलन’ अपने पहले ही चरण में भीतरघात और गुटबाजी का शिकार हो गया। पिथौरागढ़ में आयोजित सम्मेलन के दौरान प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल की मौजूदगी में ही पार्टी की अंदरूनी कलह खुलकर चौराहे पर आ गई। मंच से इशारों-इशारों में हुए सियासी हमले से नाराज होकर स्थानीय कांग्रेस विधायक मयूख महर अपने समर्थकों के साथ बैठक का बहिष्कार कर बाहर निकल गए। विधायक के बाहर जाते ही सभागार में ‘मुर्दाबाद’ के नारे गूंजने लगे, जिससे माहौल बेहद तनावपूर्ण हो गया। इस पूरे घटनाक्रम को घोर अनुशासनहीनता मानते हुए प्रदेश कांग्रेस ने महिला जिलाध्यक्ष समेत तीन नेताओं को कारण बताओ नोटिस जारी कर दिया है।

महिला जिलाध्यक्ष के तीखे बोल और विधायक मयूख महर का तीखा पलटवार

सम्मेलन की शुरुआत में संगठन ने केवल आगामी कार्ययोजनाओं पर बात करने की घोषणा की थी, लेकिन मंच संभालते ही महिला कांग्रेस जिलाध्यक्ष भावना नगरकोटी ने सीधे विधायक मयूख महर पर निशाना साध दिया। उन्होंने बिना नाम लिए नगर निकाय चुनाव में पार्टी विरोधी काम करने को लेकर तंज कसना शुरू कर दिया। कांग्रेस जिलाध्यक्ष मुकेश पंत और खुद प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल ने भावना नगरकोटी को भाषण रोकने का इशारा किया, लेकिन वह बोलती रहीं। इसी बीच अपमानित महसूस करते हुए विधायक मयूख महर समर्थकों सहित बैठक छोड़कर बाहर चले गए।

सभागार से बाहर आकर विधायक मयूख महर ने अपना आक्रोश व्यक्त करते हुए कहा, वक्ता को महिलाओं और युवाओं को जोड़ने की योजना रखनी थी, लेकिन वह मंच पर राजनीतिक खंदक निकाल रही थीं। हमें अप्रत्यक्ष रूप से लज्जित किया जा रहा था। अब वह महिला हैं, हम कुछ कह नहीं सकते। हमारे पास अपनी इज्जत बचाकर बैठक का बहिष्कार करने का ही आखिरी विकल्प था। यह सब बैठक खराब करने का एक सुनियोजित षड्यंत्र था।”

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प्रदेश अध्यक्ष गोदियाल के बिगड़े बोल— “ये सब गाइडेड मिसाइलें हैं”

हंगामे के बाद पहले तो प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल ने मामले को शांत करने की कोशिश की और मुस्कुराते हुए कहा कि वह खुद विधायक से मिलकर बात करेंगे। लेकिन बाद में मंच से कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए उनके तेवर भी तल्ख हो गए। गोदियाल ने कहा:

“आज यहां जो कुछ भी हुआ, वह यह साफ दिखाता है कि ये लोग कहीं और से ‘गाइडेड’ हैं। इन्हीं ‘गाइडेड मिसाइलों’ के कारण यहां का माहौल खराब हुआ है।” उन्होंने कार्यकर्ताओं से हर हाल में संयम और विवेक से काम लेने की अपील की।

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अनुशासन का हंटर: भावना नगरकोटी, महेंद्र व दीपक लुंठी को नोटिस

इस हाई-प्रोफाइल ड्रामे और गुटबाजी का तत्काल कड़ा संज्ञान लेते हुए प्रदेश कांग्रेस कमेटी ने सख्त विधिक व संगठनात्मक रुख अपनाया है। पार्टी ने मंच पर अभद्रता और अनुशासनहीनता फैलाने के आरोप में तीन प्रमुख नेताओं को नोटिस थमाया है:

  1. भावना नगरकोटी (महिला कांग्रेस जिलाध्यक्ष, पिथौरागढ़)

  2. महेंद्र सिंह लुंठी (वरिष्ठ कांग्रेस नेता)

  3. दीपक लुंठी (कांग्रेस नेता)

पार्टी नेतृत्व ने तीनों नेताओं से तीन दिन के भीतर लिखित स्पष्टीकरण मांगा है। प्रदेश आलाकमान ने स्पष्ट किया है कि यदि निर्धारित समय में जवाब संतोषजनक नहीं मिला, तो तीनों को तत्काल प्रभाव से निष्कासित करने जैसी कड़ी संगठनात्मक कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।

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विवाद की असली जड़: पिछले नगर निगम चुनाव की वो 17 वोटों की हार

इस पूरे सियासी घमासान की जड़ें पिछले साल हुए पिथौरागढ़ नगर निगम चुनाव से जुड़ी हुई हैं। उस चुनाव में विधायक मयूख महर अपनी पसंदीदा प्रत्याशी मोनिका महर को कांग्रेस का सिंबल दिलाना चाहते थे, लेकिन हाईकमान ने अंजू लुंठी को आधिकारिक उम्मीदवार बना दिया। टिकट कटने से नाराज मोनिका महर निर्दलीय मैदान में उतर गईं और विधायक मयूख महर खुलकर उनके समर्थन में खड़े हो गए। नतीजा यह हुआ कि कांग्रेस दो फाड़ हो गई।

आधिकारिक कांग्रेस प्रत्याशी अंजू लुंठी को 3,379 वोट मिले, जबकि बागी मोनिका महर को 9,449 वोट मिले। इस बिखराव का सीधा फायदा उठाते हुए भाजपा की कल्पना देवलाल महज 17 वोटों के अंतर से मेयर का चुनाव जीत गईं। यदि दोनों के वोट एक साथ रहते तो कांग्रेस बेहद मजबूत स्थिति में होती। उसी चुनाव की टीस और राजनीतिक खींचतान आज ‘परिवर्तन संकल्प सम्मेलन’ के मंच पर लात-घूंसों और नारों की शक्ल में बाहर आ गई।


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