Uttarakhand Administration Concept Representing CDO Hospital Inspection In Haldwani
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देवभूमि जन हुंकार, हल्द्वानी / नैनीताल: उत्तराखंड के नैनीताल जनपद के ज्योलीकोट क्षेत्र में हाल ही में सामने आए जलजनित संक्रमण (Waterborne Disease) के मामलों को लेकर जिला प्रशासन पूरी तरह सक्रिय और गंभीर नजर आ रहा है। इसी क्रम में आज मुख्य विकास अधिकारी (CDO) श्री अरविन्द कुमार पाण्डे ने गुरुवार को हल्द्वानी शहर के विभिन्न चिकित्सालयों का दौरा कर ज्योलीकोट से आए पीड़ित मरीजों का हाल-चाल जाना और स्वास्थ्य व्यवस्थाओं का जायजा लिया।

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उजाला सिग्नस, नीलकंठ, वात्सल्य और चंदन हॉस्पिटल का निरीक्षण

मुख्य विकास अधिकारी ने ज्योलीकोट क्षेत्र के उन सभी मरीजों से व्यक्तिगत रूप से मुलाकात की, जो वर्तमान में जलजनित बीमारी के चलते हल्द्वानी के प्रतिष्ठित अस्पतालों में उपचाराधीन हैं। सीडीओ ने मरीजों के शीघ्र स्वास्थ्य लाभ की ईश्वर से कामना की।

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“उपचार में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी”

अस्पतालों में भर्ती मरीजों के इलाज की प्रगति की समीक्षा करते हुए सीडीओ ने सभी संबंधित चिकित्सालयों के चिकित्सा अधीक्षकों (Medical Superintendents) के साथ-साथ मुख्य चिकित्साधिकारी (CMO) नैनीताल को दो-टूक निर्देश दिए कि इन अस्पतालों में भर्ती सभी मरीजों को उच्च कोटि की और बेहतर चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं। उन्होंने सख्त शब्दों में कहा कि मरीजों की सेहत के साथ कोई समझौता नहीं किया जाएगा और उपचार में किसी भी स्तर पर जरा भी लापरवाही न बरती जाए।

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आयुष्मान कार्ड धारकों के लिए विशेष निर्देश

निरीक्षण के दौरान सीडीओ ने प्रशासनिक संवेदनशीलता का परिचय देते हुए एक बेहद महत्वपूर्ण निर्देश जारी किया। उन्होंने कहा कि जिन चिकित्सालयों में आयुष्मान कार्ड (Ayushman Card) की सुविधा निर्धारित रूप से उपलब्ध है, आवश्यकता पड़ने पर मरीजों को केवल उन्हीं चिकित्सालयों में रेफर करना सुनिश्चित किया जाए। इसका उद्देश्य यह है कि गरीब और जरूरतमंद मरीजों को इलाज के दौरान किसी भी प्रकार की आर्थिक परेशानी या मानसिक तनाव का सामना न करना पड़े।

इस उच्चस्तरीय निरीक्षण और स्वास्थ्य समीक्षा के दौरान अपर जिलाधिकारी (प्रशासन) श्री विवेक राय सहित चिकित्सा विभाग के अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी उनके साथ पूरी मुस्तैदी से मौजूद रहे। प्रशासन की इस सक्रियता से ज्योलीकोट के पीड़ितों को बेहतर उपचार मिलने का मार्ग और अधिक सुगम हो गया है।


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