कुमाऊं में जलभराव समाधान के लिए ₹2043 करोड़ की योजना
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कुमाऊं को जलभराव से मिलेगी मुक्ति: ₹2043 करोड़ के ड्रेनेज मास्टर प्लान को मिली हरी झंडी

देहरादून/हल्द्वानी: कुमाऊं मण्डल के शहरों में हर साल मानसून के दौरान होने वाले जलभराव की समस्या के स्थायी समाधान के लिए प्रदेश सरकार ने एक महायोजना तैयार की है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देश पर तैयार किए गए 2043 करोड़ रुपये के ड्रेनेज प्रस्तावों की शुक्रवार को प्रमुख सचिव आर. मीनाक्षी सुन्दरम ने सचिवालय में उच्च स्तरीय समीक्षा की।

बैठक में निर्णय लिया गया कि योजना के प्रथम चरण में कुमाऊं के उन 10 शहरों को प्राथमिकता दी जाएगी, जो जलभराव से सर्वाधिक प्रभावित रहते हैं। इन शहरों में शामिल हैं:

  • टनकपुर, बनबसा, खटीमा, रुद्रपुर, काशीपुर, गदरपुर, सितारगंज, हल्द्वानी और मालधनचौड़।

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प्रमुख सचिव ने स्पष्ट निर्देश दिए कि इन शहरों के भीतर भी सबसे पहले उन हॉटस्पॉट (इलाकों) को चिन्हित कर काम शुरू किया जाए जहाँ जलभराव की स्थिति सबसे विकट होती है।

कुमाऊं आयुक्त और मुख्यमंत्री के सचिव दीपक रावत ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से बैठक में प्रतिभाग करते हुए बताया कि मण्डल के कुल 14 शहरों को इस योजना के लिए चिन्हित किया गया है। पहले चरण के 10 शहरों में काम शुरू होने के बाद, शेष 4 शहरों को दूसरे चरण में शामिल किया जाएगा। सभी निर्माण कार्य सिंचाई विभाग द्वारा तैयार किए गए ‘ड्रेनेज मास्टर प्लान’ के अनुरूप ही किए जाएंगे।

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प्रमुख सचिव आर. मीनाक्षी सुन्दरम ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सिंचाई विभाग और अन्य संबंधित निकाय आपसी समन्वय के साथ कार्य करें। उन्होंने कहा कि मास्टर प्लान को समयबद्ध तरीके से लागू करना अनिवार्य है ताकि आने वाले मानसून सत्रों में जनता को जलभराव की समस्या से राहत मिल सके। बैठक में सिंचाई विभाग के वरिष्ठ अधिकारी और शासन के अन्य प्रतिनिधि भी मौजूद रहे।


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