रुद्रप्रयाग में बाल कल्याण समिति और चाइल्ड हेल्पलाइन की टीम युवती की काउंसलिंग
Spread the love

रुद्रप्रयाग: शादी की जिद पर अड़ी 20 साल की युवती, प्रेमी निकला नाबालिग; प्रशासन ने ऐसे सुलझाया ‘अनोखा’ प्रेम प्रसंग

रुद्रप्रयाग, 13 मई 2026: जनपद में प्रेम प्रसंग का एक ऐसा मामला सामने आया है जिसने प्रशासन और चाइल्ड हेल्पलाइन की टीम को घंटों मशक्कत करने पर मजबूर कर दिया। यहां एक बालिग युवती अपने नाबालिग प्रेमी से शादी करने की जिद पर अड़कर उसके घर पहुंच गई। हालांकि, कानूनी पेचीदगियों और प्रशासन की सूझबूझ से इस मामले को फिलहाल शांत करा लिया गया है।

प्रेमी के घर पहुंची युवती, परिजनों के फूले हाथ-पांव

जानकारी के अनुसार, टिहरी गढ़वाल की रहने वाली 20 वर्षीय युवती अपने घर से निकलकर रुद्रप्रयाग स्थित अपने प्रेमी के घर पहुंच गई। युवती के वहां पहुंचते ही शादी की जिद ने लड़के के परिजनों को संकट में डाल दिया, क्योंकि लड़का अभी मात्र 19 वर्ष का है और कानूनी रूप से विवाह की निर्धारित आयु (21 वर्ष) पूरी नहीं कर पाया है।

यह भी पढ़ें 👉 बेमिसाल प्रेम कहानी:: सतना जेल की महिला अधिकारी ने उम्रकैद के सजायाफ्ता रहे धर्मेंद्र से रचाया विवाह

मामले की गंभीरता को देखते हुए इसकी सूचना चाइल्ड हेल्पलाइन 1098 को दी गई। जिलाधिकारी विशाल मिश्रा के नेतृत्व में बाल विवाह के विरुद्ध चल रहे अभियान के बीच जिला कार्यक्रम अधिकारी डॉ. अखिलेश कुमार मिश्र के निर्देश पर तत्काल एक संयुक्त काउंसलिंग टीम गठित की गई। टीम में रंजना गैरोला भट्ट (वन स्टॉप सेंटर प्रशासक), रंजना गैरोला भट्ट (वन स्टॉप सेंटर प्रशासक), सुरेंद्र सिंह रावत (चाइल्ड हेल्पलाइन जिला समन्वयक) और ममता शैली, गीता मालासी व दलवीर सिंह रावत (बाल कल्याण समिति सदस्य) प्रमुख सदस्य हैं।

काउंसलिंग से बनी बात, भविष्य की सुरक्षा सर्वोपरि

संयुक्त टीम ने दोनों पक्षों की काउंसलिंग की। युवती को समझाया गया कि उसका यह कदम न केवल कानून के विरुद्ध है, बल्कि नाबालिग लड़के के भविष्य और उसके परिजनों को कानूनी मुसीबत में डाल सकता है। लड़के को भी अवगत कराया गया कि 21 वर्ष से पहले विवाह करना अपराध की श्रेणी में आता है।

यह भी पढ़ें 👉जब खुद ‘जासूस’ बन गए जिलाधिकारी: सिगरेट पीते बच्चों को देख पिघला डीएम का दिल

परिजनों के बीच बनी सहमति

प्रशासनिक टीम ने युवती के परिजनों से फोन पर बात की, जिन्होंने आश्वासन दिया कि युवती के साथ कोई दुर्व्यवहार नहीं किया जाएगा। अंत में दोनों परिवारों के बीच यह सहमति बनी कि लड़के के बालिग (21 वर्ष) होने के बाद ही विवाह पर विचार किया जाएगा। इसके बाद युवती को सुरक्षित उसके घर भेज दिया गया।


Spread the love

You missed