Jamrani Dam Project Inspection Haldwani CDO Arvind Kumar Pandeyजमरानी बहुउद्देशीय बांध परियोजना के स्थलीय निरीक्षण के दौरान निर्माण कार्यों और मलबे के निस्तारण का जायजा लेते मुख्य विकास अधिकारी अरविन्द कुमार पांडे।
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देवभूमि जन हुंकार, हल्द्वानी (29 जुलाई 2026): कुमाऊं की महत्वाकांक्षी जमरानी बहुउद्देशीय बांध परियोजना के निर्माण कार्यों में बरती जा रही ढिलाई और पर्यावरणीय मानकों की अनदेखी को लेकर जिला प्रशासन सख्त हो गया है। जिलाधिकारी ललित मोहन रयाल के निर्देशानुसार, बुधवार को मुख्य विकास अधिकारी (CDO) अरविन्द कुमार पांडे ने जमरानी बांध परियोजना का स्थलीय निरीक्षण किया और निर्माण कार्यों की प्रगति की विस्तृत समीक्षा की।

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निरीक्षण में महाप्रबंधक गैरहाजिर, मलबा निस्तारण पर जताई कड़ी नाराजगी

स्थलीय निरीक्षण के दौरान निर्माण कार्यों की धीमी प्रगति, मलबा निस्तारण, पुनर्वास, गुणवत्ता नियंत्रण और सामाजिक दायित्व से जुड़े कई गंभीर मुद्दे सामने आए। निरीक्षण में पाया गया कि मलबा निस्तारण के लिए तीन डंपिंग साइटों का चयन किया गया है, लेकिन वर्तमान में केवल एक ही साइट का उपयोग हो रहा है, जहां वैज्ञानिक और सुरक्षित तरीके से निस्तारण नहीं हो रहा। नदी किनारे डाले गए मलबे का हिस्सा बारिश में बहकर नदी में समा रहा है।

सीडीओ ने सभी डंपिंग साइटों को शीघ्र विकसित कर पर्यावरणीय मानकों के अनुरूप मलबा निस्तारण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। वहीं, निरीक्षण के दौरान परियोजना के महाप्रबंधक मौके पर उपस्थित नहीं पाए गए, जिस पर मुख्य विकास अधिकारी ने गहरी नाराजगी व्यक्त की।

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68 करोड़ रुपये का मुआवजा वितरण शेष, पराग फार्म कॉलोनी की समीक्षा

समीक्षा के दौरान पुनर्वास एवं पुनर्स्थापन (R&R) नीति के अंतर्गत लगभग 408 करोड़ रुपये के मुआवजे की प्रगति भी जांची गई। अधिकारियों ने बताया कि अभी लगभग 68 करोड़ रुपये का मुआवजा वितरित होना शेष है, जबकि लगभग 12 करोड़ रुपये से जुड़े 14 परिवारों के मामले मध्यस्थता (आर्बिट्रेशन) में लंबित हैं। सीडीओ ने इन मामलों का शीघ्र निस्तारण कर प्रभावित परिवारों को राहत देने के निर्देश दिए। इसके साथ ही विस्थापितों के लिए पराग फार्म में विकसित की जा रही कॉलोनी की व्यवस्थाएं समयबद्ध रूप से पूर्ण करने को कहा।

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5 महीने से थर्ड पार्टी जांच गायब, 13 करोड़ के सोशल फंड पर भी सवाल

समीक्षा में यह चौंकाने वाला तथ्य सामने आया कि निर्माण कार्यों की गुणवत्ता की निगरानी करने वाली थर्ड पार्टी एजेंसी पिछले 4-5 महीनों से साइट का निरीक्षण नहीं कर रही है, जबकि नियमानुसार प्रत्येक तीन माह में निरीक्षण अनिवार्य है। सीडीओ ने नियमित निरीक्षण सुनिश्चित करने के आदेश दिए।

इसके अलावा, कॉर्पोरेट पर्यावरणीय जिम्मेदारी (CER) नीति के तहत प्रभावित क्षेत्र के 19 गांवों में 13 करोड़ की लागत से 1,175 सोलर लाइटें लगाने की योजना को जिला प्रशासन के पर्यवेक्षण में कराने के निर्देश दिए गए। वहीं, सामाजिक दायित्व के तहत शिक्षा, स्वच्छता और स्मार्ट क्लास के लिए निर्धारित 13 करोड़ रुपये के 5 वर्षीय बजट में से अब तक केवल 40 लाख रुपये खर्च होने पर सीडीओ ने कड़ी नाराजगी जताई और वर्षवार बजट बनाकर सामाजिक विकास के कार्यों को प्राथमिकता से पूरा करने के निर्देश दिए।

बैठक में परियोजना प्रबंधक ललित कुमार, हिमांशु पंत, जिला अर्थ एवं संख्याधिकारी डॉ. मुकेश नेगी, यूयूएसडीए के परियोजना प्रबंधक कुलदीप कुमार सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।


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