देवभूमि जन हुंकार, हल्द्वानी / नैनीताल / देहरादून: उत्तराखंड के उच्च शिक्षा परिसरों और चिकित्सा शिक्षा संस्थानों से एक बेहद चिंताजनक और शर्मनाक खबर सामने आ रही है। जनपद नैनीताल के अंतर्गत प्रमुख शहर हल्द्वानी स्थित राजकीय नर्सिंग कॉलेज में रैगिंग (Ragging) का एक गंभीर मामला उजागर हुआ है, जिससे कॉलेज प्रशासन की व्यवस्था और एंटी-रैगिंग सेल की कार्यप्रणाली पर बहुत बड़े सवालिया निशान खड़े हो गए हैं। बाहर से पढ़ने आए एक छात्र को सीनियरों द्वारा इतनी प्रताड़ना दी गई कि उसने दाखिला लेने के महज अगले ही दिन कॉलेज छोड़कर वापस घर लौटने का फैसला कर लिया।
कमरे में बुलाकर गाली-गलौज और ‘बॉस’ कहने का बनाया गया दबाव
प्राप्त आधिकारिक विवरण के अनुसार, जम्मू-कश्मीर के उधमपुर जिले के रहने वाले एक छात्र ने गत 5 अक्टूबर को राजकीय नर्सिंग कॉलेज हल्द्वानी में विधिवत दाखिला लिया था। छात्र ने कॉलेज प्रबंधन को दिए अपने लिखित शिकायती पत्र में आरोप लगाया है कि दाखिले के ठीक पहले ही दिन कुछ सीनियर छात्रों ने उसे अपने कमरे में बुलाया।
वहाँ सीनियर छात्रों ने उसके साथ बेहद अभद्र व्यवहार किया और गाली-गलौज की। आरोप है कि सीनियरों ने अपनी धौंस जमाते हुए नवीन छात्र पर यह दबाव बनाया कि वह जब भी उनसे मिले, उन्हें ‘बॉस’ कहकर संबोधित करे। इस अमानवीय और अपमानजनक व्यवहार के कारण वह छात्र अंदर से पूरी तरह टूट गया।
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मानसिक प्रताड़ना से आहत छात्र ने अगले दिन ही छोड़ दिया कॉलेज
कॉलेज में विधिवत पढ़ाई शुरू होने से पहले ही इस प्रकार के भयानक और मानसिक रूप से प्रताड़ित करने वाले अनुभव के चलते छात्र गंभीर रूप से तनाव में आ गया। उसने महसूस किया कि इस माहौल में पढ़ाई करना उसके लिए असंभव है।
घटना से अत्यधिक आहत होकर छात्र ने दाखिले के अगले ही दिन कॉलेज प्रबंधन के समक्ष अपनी लिखित शिकायत दर्ज कराई और तत्काल प्रभाव से अपना प्रवेश निरस्त (Cancel) करने की मांग की। इसके बाद वह बिना पढ़ाई शुरू किए ही वापस अपने घर जम्मू-कश्मीर लौट गया। एक छात्र के इतनी जल्दी कॉलेज छोड़कर चले जाने का मामला सामने आने के बाद से ही राज्यभर के शिक्षण संस्थानों में विद्यार्थियों की सुरक्षा और रैगिंग की रोकथाम को लेकर गंभीर बहस छिड़ गई है।
प्राचार्या डॉ. शबिस्ता नाज बोलीं— मामले की जांच जारी, दोषियों पर होगी सख्त कार्रवाई
इस सनसनीखेज मामले के तूल पकड़ने के बाद राजकीय नर्सिंग कॉलेज प्रशासन हरकत में आ गया है। कॉलेज की प्राचार्या डॉ. शबिस्ता नाज ने मीडिया को जानकारी देते हुए बताया कि छात्र की ओर से दिया गया शिकायती पत्र कॉलेज प्रशासन को प्राप्त हो गया है।
प्राचार्या ने स्पष्ट किया कि मामले को अत्यंत गंभीरता से लिया जा रहा है और इसकी निष्पक्ष उच्चस्तरीय जांच कराई जा रही है। उन्होंने दो टूक शब्दों में कहा कि जांच रिपोर्ट के आधार पर यदि कोई भी सीनियर छात्र रैगिंग या अभद्रता में दोषी पाया जाता है, तो कॉलेज प्रशासन उसके खिलाफ सख्त से सख्त अनुशासनात्मक कार्रवाई करेगा। उच्च शिक्षण संस्थानों में रैगिंग जैसी कुप्रथा के खिलाफ इस त्वरित कदम से उम्मीद की जा रही है कि छात्रों की सुरक्षा पुख्ता हो सकेगी।
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