उत्तराखंड मुक्त विश्वविद्यालय (UOU) में जुलाई सत्र के प्रवेश 1 जुलाई से शुरू: भगवद्गीता स्टडीज़ व मानवाधिकार के नए कोर्स लॉन्च; NEP-2020 के तहत मिलेंगी बड़ी सुविधाएं! 👇
हल्द्वानी: उत्तराखण्ड मुक्त विश्वविद्यालय (UOU), हल्द्वानी में जुलाई सत्र 2026 के लिए ऑनलाइन प्रवेश प्रक्रिया का शंखनाद हो गया है। विश्वविद्यालय के अतिथि गृह सभागार में माननीय कुलपति प्रो. नवीन चन्द्र लोहनी की अध्यक्षता में आयोजित एक विशेष प्रेस वार्ता में नए शैक्षणिक सत्र, छात्रहित की योजनाओं और राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 (NEP) पर आधारित नए प्रावधानों का विधिक ब्योरा साझा किया गया [cite: उत्तराखण्ड मुक्त विश्वविद्यालय, हल्द्वानी में जुलाई सत्र 2026 की प्रवेश प्रक्रिया के शुभारम्भ के अवसर पर आज विश्वविद्यालय के अतिथि गृह सभागार में माननीय कुलपति प्रो. नवीन चन्द्र लोहनी की अध्यक्षता में एक प्रेस वार्ता का आयोजन किया गया। इस अवसर पर कुलपति ने विश्वविद्यालय के नए शैक्षणिक सत्र, अकादमिक कैलेंडर, नवीन पाठ्यक्रमों, छात्रहित में लागू की गई नई सुविधाओं तथा प्रवेश प्रक्रिया से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारियाँ साझा कीं।]।
कुलपति प्रो. नवीन चन्द्र लोहनी ने बताया कि विश्वविद्यालय में 1 जुलाई 2026 से प्रवेश प्रक्रिया प्रारम्भ होगी और फॉर्म भरने की अंतिम तिथि 10 अगस्त 2026 निर्धारित की गई है [cite: कुलपति प्रो. नवीन चन्द्र लोहनी ने बताया कि विश्वविद्यालय में 1 जुलाई 2026 से प्रवेश प्रक्रिया प्रारम्भ होगी तथा प्रवेश की अंतिम तिथि 10 अगस्त 2026 निर्धारित की गई है।]।
भगवद्गीता स्टडीज़ समेत नए कोर्स शुरू, 95 से अधिक कार्यक्रमों में मौका
विश्वविद्यालय इस सत्र में बड़ी संख्या में अकादमिक विकल्प दे रहा है [cite: उन्होंने बताया कि विश्वविद्यालय वर्तमान में 15 स्नातक, 35 स्नातकोत्तर, 16 डिप्लोमा तथा 29 प्रमाण-पत्र कार्यक्रमों में प्रवेश प्रदान कर रहा है।]:
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वर्तमान पाठ्यक्रम: यूओयू द्वारा वर्तमान में 15 स्नातक (UG), 35 स्नातकोत्तर (PG), 16 डिप्लोमा और 29 प्रमाण-पत्र पाठ्यक्रमों का संचालन किया जा रहा है।
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नवीन रोजगारोन्मुख कोर्स: नए सत्र से ‘डिप्लोमा इन भगवद्गीता स्टडीज़’ तथा ‘मानवाधिकार प्रमाण-पत्र पाठ्यक्रम’ को भी विधिवत रूप से शुरू किया जा रहा है [cite: इसके अतिरिक्त नवीन कार्यक्रमों के रूप में डिप्लोमा इन भगवद्गीता स्टडीज़ तथा मानवाधिकार प्रमाण-पत्र पाठ्यक्रम को भी नए शैक्षणिक सत्र से प्रारम्भ किया जा रहा है।]।
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प्रोफेशनल कोर्सेज की प्रवेश परीक्षाएं: एमबीए (MBA), एमसीए (MCA), एमटीटीएम (MTTM), बी.एड. व एम.एड. (स्पेशल एजुकेशन) तथा योग पाठ्यक्रमों की प्रवेश परीक्षाओं के लिए ऑनलाइन आवेदन भी 1 जुलाई से वेबसाइट पर लाइव हो जाएंगे [cite: कुलपति ने बताया कि एमबीए, एमसीए, एमटीटीएम, बी.एड. स्पेशल एजुकेशन, एम.एड. स्पेशल एजुकेशन, बी.ए. योग (ऑनर्स) तथा एम.ए. योग कार्यक्रमों की प्रवेश परीक्षा के लिए ऑनलाइन आवेदन भी 1 जुलाई 2026 से विश्वविद्यालय की वेबसाइट पर उपलब्ध होंगे।]।
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विशेष नोट: बीएलआईएस (BLIS) एवं बी.एड. (ODL) पाठ्यक्रमों में दाखिले की प्रक्रिया यूजीसी-डीईबी (UGC-DEB) की इंटरफेस बैठक के विधिक निर्णय के बाद शुरू की जाएगी।
राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP-2020) के तहत शिक्षार्थियों को शानदार तोहफे
विश्वविद्यालय ने विद्यार्थियों पर एक-मुश्त पड़ने वाले आर्थिक बोझ को कम करने और उच्च शिक्षा को सुगम बनाने के लिए कई नीतिगत बदलाव किए हैं [cite: उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के अनुरूप विश्वविद्यालय ने विद्यार्थियों की सुविधा एवं गुणवत्तापूर्ण शिक्षा को ध्यान में रखते हुए अनेक महत्वपूर्ण प्रावधान लागू किए हैं।]:
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सेमेस्टरवार शुल्क भुगतान: अब सभी सेमेस्टर आधारित पाठ्यक्रमों में शिक्षार्थियों को एक साथ पूरे साल की फीस देने की जरूरत नहीं होगी। फीस को दो सेमेस्टर में विभाजित कर जमा करने की विधिक राहत दी गई है।
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क्रेडिट मोबिलिटी व एबीसी आईडी: दाखिले के लिए ABC-ID (एकेडमिक बैंक ऑफ क्रेडिट्स) और DEB-ID का निर्माण अनिवार्य होगा। इसके तहत छात्रों को ‘मल्टीपल एंट्री एवं मल्टीपल एग्जिट’ (बीच में पढ़ाई छोड़ने और दोबारा शुरू करने) की सुविधा मिलेगी [cite: साथ ही राष्ट्रीय शिक्षा नीति के अनुरूप विद्यार्थियों को क्रेडिट मोबिलिटी, मल्टीपल एंट्री एवं मल्टीपल एग्जिट जैसी सुविधाओं का लाभ भी प्रदान किया जाएगा।]।
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स्वतः एलुमनी रजिस्ट्रेशन: किसी भी पाठ्यक्रम को सफलतापूर्वक पूरा करते ही विद्यार्थी बिना किसी अतिरिक्त प्रक्रिया के सीधे विश्वविद्यालय के ‘पूर्व छात्र’ (Alumni) नेटवर्क में पंजीकृत हो जाएंगे।
फीस में भारी छूट और समाज के हर वर्ग तक शिक्षा की पहुंच
यूओयू ने सामाजिक सरोकारों को निभाते हुए विभिन्न श्रेणियों में बड़ी रियायतों की घोषणा की है:
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थर्ड जेंडर (Third Gender): इस वर्ग के शिक्षार्थियों के लिए उच्च शिक्षा पूरी तरह निशुल्क रहेगी (पूर्ण शुल्क माफी)।
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डिजिटल स्टडी मैटेरियल (eSLM): जो छात्र किताबें प्रिंटेड न लेकर ऑनलाइन पीडीएफ (eSLM) का विकल्प चुनेंगे, उन्हें कुल कार्यक्रम शुल्क में 15 प्रतिशत की सीधी छूट मिलेगी [cite: ई-एसएलएम (eSLM) का विकल्प चुनने वाले विद्यार्थियों के लिए कार्यक्रम शुल्क में 15 प्रतिशत की छूट]।
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साइंस प्रैक्टिकल फीस: बी.एससी. एवं एम.एससी. के प्रयोगात्मक विषयों की कार्यशाला (Workshop) फीस पर 30 प्रतिशत की भारी छूट दी जाएगी [cite: बी.एससी. एवं एम.एससी. के प्रायोगिक विषयों में कार्यशाला शुल्क पर 30 प्रतिशत की छूट]।
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विशेष सहायता केंद्र: प्रदेशभर में सक्रिय 144 शिक्षार्थी सहायता केंद्रों (LSCs) के अलावा भारतीय सेना के वीर सैनिकों और जेलों में बंद कैदियों के लिए भी विशेष सहायता केंद्र संचालित किए जा रहे हैं [cite: प्रेस वार्ता में बताया गया कि विश्वविद्यालय के 144 शिक्षार्थी सहायता केंद्र (LSCs) विद्यार्थियों को शैक्षणिक सहयोग प्रदान करेंगे। इसके अतिरिक्त सैनिकों तथा जेल बंदियों के लिए विशेष शिक्षार्थी सहायता केंद्र भी संचालित किए जा रहे हैं, जिससे समाज के प्रत्येक वर्ग तक गुणवत्तापूर्ण उच्च शिक्षा पहुँचाई जा सके।]।
कुलपति प्रो. लोहनी ने प्रदेश के युवाओं से आह्वान किया है कि वे समय पर डिजिटल माध्यम से प्रवेश लेकर विश्वविद्यालय की आधुनिक तकनीक से संपन्न, रोजगारोन्मुख विधिक उच्च शिक्षा प्रणाली का लाभ उठाएं
कुलपति प्रो. नवीन चन्द्र लोहनी ने कहा कि उत्तराखण्ड मुक्त विश्वविद्यालय आधुनिक तकनीक सम्पन्न शिक्षण प्रणाली तथा राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के अनुरूप विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण, सुलभ एवं रोजगारोन्मुख उच्च शिक्षा उपलब्ध कराने के लिए निरंतर प्रतिबद्ध है। उन्होंने प्रदेश एवं देशभर के इच्छुक विद्यार्थियों से जुलाई सत्र 2026 में प्रवेश लेकर विश्वविद्यालय की शैक्षणिक सुविधाओं का लाभ उठाने का आह्वान किया।






