Uttarakhand Flood And Landslide Disaster Concept Representing Maluatal Bhimtal
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भीमताल के मलुवाताल में भारी बारिश से कलसा नदी का तांडव। पहाड़ी टूटने से कई घर मलबे में दबे, प्रशासन ने प्रभावित परिवारों को प्राथमिक स्कूल में किया शिफ्ट।

विशेष रिपोर्ट: (प्रेषक: प्रेम कुल्‍याल)

देवभूमि जन हुंकार, भीमताल (नैनीताल): उत्तराखंड के नैनीताल जनपद अंतर्गत भीमताल क्षेत्र में लगातार हो रही भारी बारिश अब विकराल रूप धारण कर चुकी है। विकासखंड भीमताल के अंतर्गत आने वाली मलुवाताल ग्राम सभा में कलसा नदी के तेज बहाव और भीषण भूस्खलन (Landslide) के कारण भारी तबाही मची है। नदी के रौद्र रूप और पहाड़ी टूटने से क्षेत्र के दर्जनों आवासीय भवन सीधे खतरे की जद में आ गए हैं, जिससे पूरे इलाके में दहशत का माहौल बना हुआ है। प्रशासनिक टीमों ने स्थिति की गंभीरता को देखते हुए तत्काल युद्धस्तर पर राहत और बचाव कार्य शुरू कर दिया है।

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राजस्व विभाग से मिली आधिकारिक जानकारी के अनुसार, कुना तोक में स्थानीय निवासी जीवन चंद्र के घर के ऊपर अचानक एक पहाड़ी का बहुत बड़ा हिस्सा टूटकर गिर गया। इसके चलते भारी मात्रा में मलबा सीधे आबादी क्षेत्र में घुस गया है।

आपदा की इस भयानक चपेट में आने से गांव के निवासी शेर सिंह और दलीप सिंह के मकान पूरी तरह मलबे में दबकर ध्वस्त हो चुके हैं। इसके अलावा, कलसा नदी के खतरनाक और तेज कटाव के कारण मलुवाताल क्षेत्र में 8 से 10 अन्य मकान भी सीधे तबाही की कगार पर खड़े हैं।

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आपदा की सूचना मिलते ही खंड विकास अधिकारी (BDO) हर्षित गर्ग और राजस्व विभाग के उच्च अधिकारियों की टीम ने तत्काल प्रभावित क्षेत्रों का तूफानी दौरा किया। जमीनी स्तर पर तबाही का मंजर देखकर अधिकारी भी हतप्रभ रह गए।

प्रशासन ने बिना एक पल गंवाए त्वरित कार्रवाई करते हुए सभी बेघर और प्रभावित परिवारों को सुरक्षित बाहर निकाला और उन्हें प्राथमिक विद्यालय मलुवाताल में अस्थाई रूप से बनाए गए राहत शिविर में शिफ्ट कर दिया है। प्रशासन की देखरेख में प्रभावितों के लिए भोजन, राशन और अन्य जरूरी जीवनोपयोगी इंतजाम किए जा रहे हैं।

बीडीओ हर्षित गर्ग ने बताया कि सिर्फ मलुवाताल ही नहीं, बल्कि विकासखंड भीमताल के अधीन आने वाली अन्य संवेदनशील ग्राम पंचायतों— जंगलिया गांव, पांडे गांव और हरिनगर का भी स्थलीय निरीक्षण किया गया है। प्रशासन ने सभी क्षेत्रवासियों और ग्रामीणों से पुरजोर अपील की है कि वे किसी भी स्थिति में नदी-नालों और भूस्खलन वाले पहाड़ी रास्तों के पास न जाएं, तथा किसी भी आपात स्थिति में तुरंत नियंत्रण कक्ष को सूचित करें। इस दौरान ग्राम प्रधान लक्ष्मण गंगोला, ग्राम पंचायत, ग्राम विकास, कानूनगो व राजस्व के अधिकारी प्रमुख रूप से उपस्थित रहे।

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घटना की जानकारी मिलते ही ब्लॉक प्रमुख डॉ. हरीश सिंह बिष्ट ने पांडेगांव और जंगलिया के आपदा प्रभावित क्षेत्रों का दौरा किया। उन्होंने मौके पर पहुंचकर ग्रामीणों से मुलाकात की और उन्हें हरसंभव मदद का भरोसा दिया। ब्लॉक प्रमुख ने सभी से अपील की कि इस विकट आपदा के समय धैर्य और संयम बनाए रखें, पूरा शासन और प्रशासन आपदा पीड़ितों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़ा है।


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