Uttarakhand Police Office And Congress Leaders Representing Shuddhikaran Controversy In Haldwaniहल्द्वानी में रामलीला मैदान शुद्धिकरण प्रकरण को लेकर पुलिस अधिकारियों को ज्ञापन सौंपते कांग्रेस नेता।
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देवभूमि जन हुंकार, हल्द्वानी (नैनीताल): उत्तराखंड के हल्द्वानी शहर में रामलीला मैदान में अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे की जनसभा के बाद उपजे कथित ‘शुद्धिकरण’ (Purification) विवाद को लेकर राजनीतिक घमासान एक बार फिर चरम पर पहुंच गया है। शनिवार को कांग्रेस के वरिष्ठ राष्ट्रीय नेता और सांसद ने हल्द्वानी पहुंचकर पुलिस प्रशासन को आड़े हाथों लिया और दोषियों के खिलाफ तत्काल कानूनी कार्रवाई की मांग की।

शनिवार को राज्यसभा सांसद, महाराष्ट्र प्रदेश कांग्रेस कमेटी के कार्यकारी अध्यक्ष और कांग्रेस कार्यसमिति सदस्य चंद्रकांत हंडोरे विशेष रूप से हल्द्वानी पहुंचे। उनके साथ हल्द्वानी के लोकप्रिय विधायक सुमित हृदयेश समेत कई वरिष्ठ कांग्रेस नेता और कार्यकर्ता भी मौजूद रहे।

कांग्रेस प्रतिनिधिमंडल ने सीधे सीओ हल्द्वानी से मुलाकात की और एसएसपी नैनीताल के नाम एक औपचारिक पत्र सौंपते हुए कथित शुद्धिकरण की घटना में शामिल लोगों और संगठनों के खिलाफ एफआईआर (FIR) दर्ज कर कड़ी कानूनी कार्रवाई की मांग दोहराई।

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सांसद चंद्रकांत हंडोरे ने अपने पत्र में स्पष्ट किया कि 8 अगस्त 2026 को रामलीला मैदान में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे की ऐतिहासिक जनसभा के बाद कथित तौर पर किया गया शुद्धिकरण एक अत्यंत गंभीर और निंदनीय कृत्य है। उन्होंने आरोप लगाया कि यह कृत्य समाज में स्पष्ट रूप से छुआछूत की मानसिकता को दर्शाता है और संविधान के अनुच्छेद 17 तथा अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम के प्रावधानों के तहत एक गंभीर आपराधिक मामला है।

सांसद ने सवाल उठाया कि इस प्रकरण को संसद के पटल पर भी प्रमुखता से उठाया गया था, जहाँ सदन में उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया गया था। इसके बावजूद, घटना के 27 दिन से अधिक समय बीत जाने के बाद भी कथित शुद्धिकरण में शामिल व्यक्तियों और संगठनों के खिलाफ एफआईआर दर्ज न किया जाना पुलिस और प्रशासन की कार्यप्रणाली पर बड़ा सवालिया निशान खड़ा करता है।

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प्रेसवार्ता और मुलाकातों के दौरान सांसद हंडोरे ने कड़ा रोष व्यक्त करते हुए कहा कि वास्तविक और संज्ञेय अपराध करने वाले दोषियों पर शिकंजा कसने के बजाय, पुलिस प्रशासन ने इसके विपरीत कांग्रेस के राष्ट्रीय नेता राहुल गांधी के खिलाफ ही एफआईआर दर्ज कर दी, जिसे उन्होंने पूरी तरह एकतरफा और अन्यायपूर्ण कार्रवाई करार दिया।

उन्होंने कहा कि इस प्रकार की दोहरी नीति से अनुसूचित जाति (SC) और अनुसूचित जनजाति (ST) सहित समाज के विभिन्न वर्गों में भारी आक्रोश व्याप्त है।

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कांग्रेस सांसद ने एसएसपी नैनीताल को सौंपे पत्र के माध्यम से मांग की है कि कथित शुद्धिकरण प्रकरण में शामिल लोगों और संगठनों के खिलाफ SC/ST एक्ट तथा भारतीय न्याय संहिता (BNS) की सुसंगत धाराओं में तत्काल मुकदमा दर्ज किया जाए। साथ ही, मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों को बेनकाब किया जाए और राहुल गांधी के खिलाफ दर्ज फर्जी मुकदमे को तुरंत वापस लिया जाए।

सांसद चंद्रकांत हंडोरे ने अंत में दो-टूक चेतावनी दी है कि यदि यह मुकदमा वापस नहीं लिया गया और दोषियों के खिलाफ कानूनी शिकंजा नहीं कसा गया, तो देश भर के SC/ST वर्ग के सभी कांग्रेस सांसद महामहिम राष्ट्रपति को ज्ञापन सौंपकर इस मामले को पूरी लोकतांत्रिक ताकत के साथ उठाएंगे। इस दौरान विधायक सुमित हृदयेश सहित बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता उपस्थित रहे।


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