देवभूमि जन हुंकार, सल्ट/अल्मोड़ा (04 अगस्त 2026): उत्तराखंड के पर्वतीय सीमांत इलाकों में मानव और वन्यजीवों का संघर्ष रुकने का नाम नहीं ले रहा है। अल्मोड़ा जनपद के सल्ट विकासखंड अंतर्गत डभरा सौराल ग्रामसभा से एक रोंगटे खड़े कर देने वाली दुखद घटना सामने आई है। यहाँ घोड़ीधार तोक में सुबह के वक्त अपने घर के पास काम कर रही एक 19 वर्षीय नवविवाहिता पर किसी हिंसक वन्यजीव ने जानलेवा हमला कर दिया और उसे घसीटते हुए घने जंगलों में ले गया। घंटों की मशक्कत के बाद जंगल से महिला का क्षत-विक्षत शव बरामद हुआ है।
गोबर डालने गई थी शालिनी, झाड़ियों में घात लगाकर बैठा था जानवर
मिली जानकारी के अनुसार, घोड़ीधार तोक निवासी 19 वर्षीय शालिनी नेगी पत्नी रवींद्र नेगी सोमवार की सुबह रोज़मर्रा की भाँति अपने घर के समीप मवेशियों का गोबर फेंकने गई हुई थी। इसी दौरान झाड़ियों में पहले से छिपे किसी बेहद आक्रामक वन्यजीव ने अचानक उन पर प्राणघातक हमला बोल दिया। प्रत्यक्षदर्शियों व ग्रामीणों के अनुसार जानवर इतनी तेज़ी से झपटा कि शालिनी को संभलने या शोर मचाने का मौका भी नहीं मिला और जानवर उन्हें घसीटता हुआ सीधे जंगल की ओर ले भागा।
जब काफी समय बीत जाने के बाद भी शालिनी वापस नहीं लौटीं, तो परिजनों की चिंता बढ़ी। परिजनों और स्थानीय ग्रामीणों ने अनहोनी की आशंका के चलते आसपास के जंगलों की ओर रुख किया। खोजबीन के दौरान गांव से कुछ दूरी पर घने जंगल के बीच शालिनी का शव पड़ा मिला। उनके गले पर खूंखार जानवर के पंजों और दांतों के गहरे घाव के निशान थे।
शादी की खुशियों के बीच छाया मातम, ग्रामीणों का फूटा गुस्सा
19 साल की नवविवाहिता का शव देखते ही परिजनों में कोहराम मच गया। रोते-बिलखते परिजनों को देख मौके पर मौजूद ग्रामीणों की आँखें भी नम हो गईं। घटना की खबर फैलते ही पूरे सल्ट इलाके में सनसनी फैल गई और देखते ही देखते सैकड़ों लोग एकत्रित हो गए।
कॉर्बेट टाइगर रिजर्व (CTR) के बफर क्षेत्र से सटे सल्ट ब्लॉक में वन्यजीवों के इस बढ़ते खौफ को लेकर ग्रामीणों का गुस्सा फूट पड़ा। ग्रामीणों का आरोप है कि वन विभाग की लापरवाही के कारण आए दिन इंसानों और पालतू मवेशियों को निशाना बनाया जा रहा है। जंगल से सटे रिहायशी इलाकों में सुरक्षा की कोई व्यवस्था नहीं है, जिससे लोग अपनी जान जोखिम में डालकर दैनिक कार्य करने को मजबूर हैं।
बाघ या गुलदार? पहचान करने में जुटी पुलिस और वन विभाग की टीम
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस, राजस्व और वन विभाग की संयुक्त टीम तुरंत घटनास्थल पर पहुंची और मुआयना शुरू किया। पुलिस ने शव का पंचनामा भरकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।
हालांकि, अभी तक यह पूरी तरह साफ नहीं हो सका है कि महिला पर हमला बाघ (Tiger) ने किया है या गुलदार (Leopard) ने। वन अधिकारियों का कहना है कि घटनास्थल से पगमार्क (पंजों के निशान) और बालों के सैंपल एकत्र किए जा रहे हैं। जांच और फोरेंसिक रिपोर्ट के आधार पर ही इसकी आधिकारिक पुष्टि हो पाएगी।
पीड़ित परिवार को 10 लाख रुपये सहायता राशि: DFO दीपक सिंह
घटना पर दुख जताते हुए डीएफओ (DFO) अल्मोड़ा दीपक सिंह ने बताया:
“मृतका के शोकाकुल परिजनों को नियमानुसार देय ₹10 लाख रुपये की अनुग्रह सहायता (Ex-gratia) की धनराशि के भुगतान की प्रक्रिया तत्काल प्रभाव से शुरू कर दी गई है। क्षेत्र में मानव-वन्यजीव संघर्ष की पुनरावृत्ति रोकने के लिए वन कर्मियों की गश्त बढ़ा दी गई है तथा सभी आवश्यक एहतियाती व अनुवर्ती कार्रवाई प्राथमिकता के आधार पर अमल में लाई जा रही है।”
उधर, ग्रामीणों ने प्रशासन से हमलावर जानवर को तुरंत चिन्हित कर ट्रेंकुलाइज (बेहोश) करने या पिंजरा लगाकर पकड़ने तथा गांव के आसपास गश्त बढ़ाने की मांग की है।
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