देवभूमि जन हुंकार, हल्द्वानी (03 अगस्त 2026): तकनीक के बढ़ते प्रसार के बीच साइबर अपराधियों ने अब आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) को ठगी और उत्पीड़न का नया जरिया बना लिया है। हल्द्वानी शहर के जगदंबानगर क्षेत्र से एआई के खौफनाक दुरुपयोग का एक बेहद चिंताजनक मामला सामने आया है, जहां सिडकुल में कार्यरत एक युवती की एआई जनरेटेड अश्लील तस्वीरें बनाकर उससे हज़ारों रुपये ऐंठ लिए गए।
व्हाट्सएप पर भेजी एआई से बनी अश्लील फोटो, दी धमकी
मिली जानकारी के अनुसार, हल्द्वानी शहर के जगदंबानगर फेज-वन निवासी युवती वर्तमान में रुद्रपुर सिडकुल की एक कंपनी में कार्यरत है। गत 15 जुलाई की रात युवती के मोबाइल पर अज्ञात नंबर से व्हाट्सएप मैसेज और कॉल आई। व्हाट्सएप ओपन करते ही युवती के होश उड़ गए, जब उसने देखा कि कॉलर ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) तकनीक की मदद से तैयार की गई उसकी अश्लील तस्वीरें भेजी थीं।
तस्वीरें भेजने के तुरंत बाद साइबर ठगों ने युवती पर दबाव बनाना शुरू कर दिया। ठगों ने दावा किया कि उसके नाम पर ‘क्रेडिट लूप’ और ‘लोन मित्र’ ऐप से लोन लिया गया है। उन्होंने धमकी दी कि यदि मांगी गई रकम तुरंत वापस नहीं लौटाई गई, तो ये न्यूड तस्वीरें युवती के फोन की कॉन्टैक्ट लिस्ट में शामिल सभी नंबरों और व्हाट्सएप ग्रुपों में भेज दी जाएंगी।
डर के साए में 6 बार में ट्रांसफर किए 12,539 रुपये
पीड़िता को डराने के लिए शातिर साइबर ठगों ने उसके फोन की कॉन्टैक्ट लिस्ट में मौजूद परिजनों और दोस्तों के नंबरों पर आपत्तिजनक फोटो भेजने के स्क्रीनशॉट भी शेयर कर दिए। कॉन्टैक्ट लिस्ट लीक होने और बदनामी के डर से युवती इस कदर दहशत में आ गई कि उसने बिना परिजनों को बताए अपने पेटीएम वॉलेट से साइबर ठगों द्वारा उपलब्ध कराए गए नंबर पर 16 जुलाई तक छह बार में कुल 12,539 रुपये ट्रांसफर कर दिए।
कुमाऊं साइबर थाने में मुकदमा दर्ज, मुखानी पुलिस करेगी जांच
बार-बार पैसे मांगे जाने पर जब युवती परेशान हो गई, तो उसने पूरी आपबीती अपने परिजनों को बताई। इसके बाद पीड़िता के चाचा ने तुरंत इस साइबर अपराध के खिलाफ कार्रवाई हेतु साइबर क्राइम पुलिस स्टेशन कुमाऊं परिक्षेत्र रुद्रपुर में तहरीर दी, जिस पर पुलिस ने संबंधित धाराओं में नामजद प्राथमिकी दर्ज कर ली है।
मामला हल्द्वानी के थाना मुखानी क्षेत्र से जुड़ा होने के कारण अब इस मुकदमे की विवेचना मुखानी कोतवाली स्थानांतरित (ट्रांसफर) कर दी गई है। मुखानी पुलिस का कहना है कि जिस नंबर से मैसेज आए थे और जिस पेटीएम नंबर पर पैसे मंगाए गए हैं, उनकी सीडीआर व सर्विलांस के आधार पर साइबर ठगों की लोकेशन ट्रेस की जा रही है।
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