उधमसिंह नगर में फर्जी यूटीईटी प्रमाण पत्र के मामले में सहायक अध्यापक सुधीर कुमार को निलंबित करने की जांच करते शिक्षा विभाग के अधिकारी
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रुद्रपुर: फर्जी UTET सर्टिफिकेट पर पाई नौकरी; बन्नाखेड़ा के सहायक अध्यापक सुधीर कुमार सस्पेंड

रुद्रपुर (ऊधमसिंह नगर): उत्तराखंड के शिक्षा विभाग में फर्जी दस्तावेजों के सहारे नौकरी पाने वाले शिक्षकों के खिलाफ चल रहा चाबुक अब और तेज हो गया है। जिला शिक्षा अधिकारी (प्रारंभिक शिक्षा) हरेंद्र कुमार मिश्रा ने बाजपुर विकास खंड के अंतर्गत राजकीय प्राथमिक विद्यालय बन्नाखेड़ा में तैनात सहायक अध्यापक सुधीर कुमार को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। शिक्षक सुधीर कुमार पर कूटरचित (फर्जी) यूटीईटी (UTET) प्रथम-2023 परीक्षा का प्रमाणपत्र लगाकर सरकारी नियुक्ति हासिल करने का बेहद गंभीर आरोप है।

इस बड़े फर्जीवाड़े का खुलासा विभागीय जांच के दौरान हुआ। जांच के सिलसिले में सचिव, उत्तराखंड विद्यालयी शिक्षा परिषद, रामनगर (नैनीताल) के कार्यालय से अभ्यर्थी के मूल अभिलेख और रिकॉर्ड मांगे गए थे। परिषद से प्राप्त आधिकारिक रिकॉर्ड के अनुसार, उत्तराखंड अध्यापक पात्रता परीक्षा (UTET) प्रथम-2023 में अनुक्रमांक 1232601099 पर परीक्षा देने वाले अभ्यर्थी सुधीर कुमार वास्तव में ‘नॉट क्वालीफाइड’ (अनुत्तीर्ण) पाए गए। रिकॉर्ड में फेल होने के बावजूद फर्जी तरीके से पास का प्रमाणपत्र तैयार कर नियुक्ति पाने के इस मामले को विभाग ने घोर अनुशासनहीनता और धोखाधड़ी माना है।

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कड़ी कार्रवाई करते हुए जिला शिक्षा अधिकारी ने सुधीर कुमार को सस्पेंड कर दिया है। निलंबन की इस अवधि के दौरान आरोपी शिक्षक को कार्यालय उप शिक्षा अधिकारी, विकास खंड बाजपुर से संबद्ध (Attach) किया गया है। विभाग द्वारा इस पूरे मामले की विस्तृत जांच अब भी उच्च स्तर पर जारी है। विभागीय अधिकारियों का कहना है कि वर्ष 2024 में नियुक्त हुए जिले के 210 शिक्षकों के शैक्षिक व अन्य प्रमाण पत्रों की गहनता से स्क्रूटनी की जा रही है, जिसके तहत लगातार ऐसी गड़बड़ियां सामने आ रही हैं।

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शुरुआती जांच के आंकड़ों पर गौर करें तो इस पूरी प्रक्रिया के दौरान अब तक 40 शिक्षकों के डीएलएड (D.El.Ed.) प्रमाणपत्र फर्जी पाए जा चुके हैं। इसी बड़ी जांच के भीतर दो शिक्षकों के यूटीईटी (UTET) प्रमाणपत्रों में भी भारी हेरफेर पकड़ी गई थी। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए शिक्षा विभाग ने दोनों संदिग्ध शिक्षकों को दो-दो बार स्पष्टीकरण नोटिस जारी कर जवाब मांगा था। तय समय के भीतर कोई भी संतोषजनक या प्रामाणिक जवाब नहीं मिलने पर विभाग ने सख्त रुख अख्तियार किया। डीईओ हरेंद्र कुमार मिश्रा ने बताया कि जांच रिपोर्ट के आधार पर इनमें से एक आरोपी शिक्षक को पहले ही सेवा से बर्खास्त (टर्मिनेट) किया जा चुका है, और अब दूसरे शिक्षक सुधीर कुमार पर निलंबन की गाज गिरी है।


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