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Uttarakhand Crime Concept Representing Fake Call Center Raid and Cyber Fraud Arrest in Dehradun
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देवभूमि जन हुंकार, देहरादून: उत्तराखंड की राजधानी देहरादून में साइबर अपराध के खिलाफ पुलिस ने एक बहुत बड़ी सफलता हासिल की है। दून पुलिस ने थाना राजपुर क्षेत्र के अंतर्गत एक किराए के फ्लैट में बेहद शातिर तरीके से संचालित हो रहे एक फर्जी इंटरनेशनल कॉल सेंटर का भंडाफोड़ किया है। यह गिरोह देश की सीमाओं से बाहर बैठे अमेरिका और कनाडा के नागरिकों को अपना निशाना बनाकर ऑनलाइन धोखाधड़ी को अंजाम दे रहा था। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए मौके से पाँच शातिर आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है तथा उनके कब्जे से भारी मात्रा में इलेक्ट्रॉनिक उपकरण और लग्जरी वाहन बरामद किए हैं।

 गूगल वॉयस के जरिए अमेरिका-कनाडा के लोगों को बनाते थे शिकार

राजपुर थाना पुलिस से प्राप्त विस्तृत जानकारी के अनुसार, पुलिस को गोपनीय इनपुट मिला था कि राजपुर क्षेत्र में अवैध रूप से अंतरराष्ट्रीय कॉल सेंटर चलाया जा रहा है। इसी सूचना के आधार पर पुलिस टीमों ने आर्चिड पार्क, तरला नागल रोड स्थित एक फ्लैट पर देर रात अचानक दबिश दी।

जांच में सामने आया कि आरोपी गूगल वॉयस ऐप (Google Voice App) के माध्यम से सीधे अमेरिका और कनाडा के नागरिकों के नंबरों पर संपर्क करते थे। कॉल के दौरान वे विदेशी नागरिकों को उनके मोबाइल फोन या लैपटॉप में गंभीर तकनीकी खराबी या वायरस होने का झांसा देते थे। इसके बाद समस्या का समाधान करने और ‘एंटीवायरस’ सॉफ्टवेयर उपलब्ध कराने के नाम पर उनसे 100 डॉलर मूल्य के गिफ्ट कार्ड (Gift Cards) खरीदने की मांग की जाती थी। जब विदेशी नागरिक गिफ्ट कार्ड खरीदकर उसका कोड या फोटो भेज देते थे, तो आरोपी उन गिफ्ट कार्ड्स को दूसरे लोगों को कम कीमत पर बेचकर मोटी रकम कमाते थे।

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नोएडा से सीखा था ठगी का खेल, बार-बार बदलते थे ठिकाने

पुलिस पूछताछ में मुख्य आरोपी आशीष नागर ने खुलासा किया कि वह पहले नोएडा स्थित एक कॉल सेंटर में काम करता था, जहाँ इसी प्रकार की विदेशी नागरिकों के साथ ठगी का रैकेट चलाया जाता था। करीब तीन महीने पहले वह नोएडा की नौकरी छोड़कर देहरादून आ गया और यहाँ राजपुर क्षेत्र में फ्लैट किराए पर लेकर अपने साथियों के साथ इस अवैध धंधे को नए सिरे से शुरू कर दिया।

गिरोह ने विदेशी नागरिकों के नाम से लगभग 5,000 मोबाइल नंबर खरीद रखे थे, जिनके जरिए वे संभावित ग्राहकों को जाल में फंसाते थे। पुलिस की नजरों से बचने के लिए यह गिरोह कुछ समय तक एक स्थान पर कॉल सेंटर चलाने के बाद अपना ठिकाना बदल देता था।

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गिरफ्तार आरोपी और बरामदगी का विवरण:

पुलिस ने छापेमारी के दौरान मौके से निम्नलिखित सामान जप्त किया है:

  • 14 मोबाइल फोन

    4 लैपटॉप

    1 आईपैड

    3 वाहन (सभी वाहनों को पुलिस द्वारा सीज कर दिया गया है)

गिरफ्तार अभियुक्तों के नाम:

  1. आशीष नागर (मुख्य सरगना, निवासी मेरठ, उत्तर प्रदेश)

  2. अक्षत शर्मा (निवासी मेरठ, उत्तर प्रदेश)

  3. अंशु मुद्गल (निवासी मेरठ, उत्तर प्रदेश)

  4. राज सिंह (निवासी सुल्तानपुर, उत्तर प्रदेश)

  5. अभिनव सिंह (निवासी सुल्तानपुर, उत्तर प्रदेश)

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BNS की धाराओं में मुकदमा दर्ज, नेटवर्क की गहराई से हो रही जांच

राजपुर थाना पुलिस ने सभी पाँचों आरोपियों के विरुद्ध भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 318(4) और 3(5) के तहत अभियोग पंजीकृत कर लिया है। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि इस फर्जी कॉल सेंटर के जरिए अब तक कुल कितने विदेशी नागरिकों को ठगा गया है और इस सिंडिकेट में और कौन-कौन लोग पर्दे के पीछे से जुड़े हुए हैं। बरामद इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों की डिजिटल फॉरेंसिक जांच कराई जा रही है।

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By admin