ईमानदारी की मिसाल
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हल्द्वानी: कलयुग में ईमानदारी की मिसाल; धारचूला की महिला का 30 लाख के जेवरात और नकदी से भरा बैग सड़क पर गिरा, लालडांठ के एडवोकेट प्रदीप ने लौटाया!

हल्द्वानी (नैनीताल):आज के इस भौतिकवादी दौर में जहां पैसा ही लोगों का दीन-ईमान बन चुका है, चंद रुपयों की खातिर लोग एक-दूसरे के खून के प्यासे हो जाते हैं और छोटी-छोटी बातों पर भाई ही भाई का दुश्मन बन बैठता है, वहीं कलयुग के इस अंधकार में ईमानदारी और उच्च मानवीय मूल्यों की एक ऐसी मिसाल सामने आई है जिसने पूरे समाज का दिल जीत लिया है। धारचूला से एक शादी समारोह में शामिल होकर हल्द्वानी लौटी एक महिला का 25 से 30 लाख रुपये की विधिक कीमत के सोने-चांदी के जेवरात और नकदी से भरा बैग चलती ऑटो से सड़क पर गिर गया। इस बेशकीमती बैग को सड़क पर पड़ा देख वहां से गुजर रहे लालडांठ निवासी अधिवक्ता श्री प्रदीप कुमार सागर ने तत्काल उसे सुपुर्दगी में लिया और ईमानदारी का परिचय देते हुए रविवार को पुलिस की मौजूदगी में महिला को सौंप दिया।

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घटनाक्रम के अनुसार, शनिवार की रात धारचूला में एक विवाह समारोह से शरीक होकर लौट रही महिला कलावती देवी अपने परिवार के साथ ऑटो से जा रही थीं। कालाढूंगी रोड पर प्रसिद्ध कमल स्वीट्स के पास अचानक उनके सामान में से एक मुख्य बैग सड़क पर गिर गया, जिसकी भनक ऑटो में सवार किसी भी सदस्य को नहीं लग पाई। उस बैग में कीमती कपड़ों के साथ ही लगभग 25 से 30 लाख रुपये के भारी सोने-चांदी के आभूषण (जेवरात) और मोटी नकदी मौजूद थी। घर पहुंचने पर जब महिला को बैग गायब होने का पता चला, तो उनके पैरों तले जमीन खिसक गई और पूरे परिवार में कोहराम मच गया।

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अधिवक्ता प्रदीप कुमार सागर ने दिखाई सतर्कता; मुखानी पुलिस को सौंपा सुरक्षित बैग

उसी दौरान, वहां से अपने घर की ओर जा रहे लालडांठ निवासी अधिवक्ता श्री प्रदीप कुमार सागर की नजर सड़क पर लावारिस पड़े उस बैग पर पड़ी। अधिवक्ता प्रदीप कुमार सागर ने विधिक सतर्कता और नागरिक कर्तव्य का परिचय देते हुए बैग को अपने कब्जे में लिया। प्रदीप के अनुसार, वह रात में ही बैग लेकर तुरंत मुखानी पुलिस चौकी पहुंचे थे, ताकि उसे उसके असली मालिक तक विधिक प्रक्रिया के तहत पहुंचाया जा सके। परंतु रात के वक्त वहां किसी विधिक पुलिस कर्मी के मौजूद न मिलने के कारण वह सुरक्षा के मद्देनजर बैग को अपने घर ले गए।

रात अत्यधिक हो जाने और सुरक्षा कारणों से उन्होंने फिर किसी अन्य थाने या चौकी से संपर्क नहीं किया और बैग को घर में पूरी तरह सुरक्षित रखा। इधर, पीड़ित परिवार ने मुखानी पुलिस को बैग गुम होने की विधिक सूचना दी थी, जिसके बाद पुलिस ने तकनीकी जांच और क्षेत्र में सक्रियता बढ़ाई।

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मुखानी थाने में महिला ने अधिवक्ता और पुलिस का जताया विधिक आभार

रविवार की सुबह जब मुखानी पुलिस ने मामले की कड़ियों को जोड़ते हुए अधिवक्ता श्री प्रदीप कुमार सागर से संपर्क किया और उन्हें फोन कॉल किया, तो प्रदीप ने बिना एक पल की भी देरी किए तुरंत पुलिस को पूरा वाकया बताया। वह तत्काल पूरा बैग सुरक्षित लेकर मुखानी थाने पहुंच गए। थाने में विधिक सत्यापन और कागजी औपचारिकताएं पूरी करने के बाद कलावती देवी के सामने ही जब बैग खोला गया, तो उसमें रखे 30 लाख के जेवरात और नकदी पूरी तरह सुरक्षित पाए गए।

अपना खोया हुआ जीवनभर की कमाई का विधिक खजाना वापस पाकर कलावती देवी की आंखों में खुशी के आंसू छलक आए। उन्होंने मुखानी पुलिस प्रशासन की त्वरित कार्रवाई और अधिवक्ता श्री प्रदीप कुमार सागर की इस अकल्पनीय और विस्मयकारी ईमानदारी के लिए उनका बार-बार हाथ जोड़कर धन्यवाद अदा किया। इस घटना के बाद से हल्द्वानी बार एसोसिएशन और स्थानीय जनता अधिवक्ता प्रदीप कुमार सागर के इस अनुकरणीय कार्य की भूरि-भूरि प्रशंसा कर रही है।


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