हल्द्वानी और नैनीताल के पेट्रोल पंपों पर 'नो हेलमेट-नो पेट्रोल' के विधिक आदेश के बोर्ड
Spread the love

नैनीताल जनपद में ‘नो हेलमेट-नो पेट्रोल’ नियम लागू: बिना हेलमेट नहीं मिलेगा ईंधन, एंट्री प्वाइंट्स पर लगे सख्त प्रतिबंधों के बोर्ड! 👇

हल्द्वानी/नैनीताल: नैनीताल जनपद में सड़क सुरक्षा को पुख्ता करने और दोपहिया वाहन दुर्घटनाओं पर अंकुश लगाने के लिए जिला प्रशासन ने बेहद कड़ा और विधिक रुख अख्तियार कर लिया है। जिलाधिकारी (DM) ललित मोहन रयाल के कड़े निर्देशों के बाद अब पूरे जिले में ‘नो हेलमेट-नो पेट्रोल’ (No Helmet-No Petrol) का नियम पूरी तरह प्रभावी रूप से लागू कर दिया गया है। इस नियम के तहत अब जिले के किसी भी पेट्रोल पंप पर बिना हेलमेट पहने पहुंचने वाले दोपहिया वाहन चालकों को पेट्रोल नहीं दिया जाएगा।

यह भी पढ़ें 👉 🚨 पिथौरागढ़ : 5 साल की मासूम से दरिंदगी करने वाला ‘सीरियल रेपिस्ट’ होशियार सिंह गिरफ्तार, हरिद्वार जेल से छूटते ही दोबारा किया खौफनाक कांड, जानिए पूरा मामला… 👇

प्रशासन के इस विधिक आदेश के क्रम में संभागीय परिवहन अधिकारी (RTO प्रवर्तन एवं सड़क सुरक्षा) अरविंद पांडे द्वारा जिला पूर्ति अधिकारी को एक आधिकारिक पत्र जारी किया गया था। इस पत्र पर त्वरित कार्रवाई करते हुए जिले के सभी पेट्रोल पंपों पर नियम का कड़ाई से अनुपालन शुरू करा दिया गया है।

यह भी पढ़ें 👉 🚨चंपत राय का पूर्व ड्राइवर निकला ₹50 करोड़ का आसामी; बंद कमरे में रात भर चली पूछताछ, 8 गिरफ्तार, जानिए कौन है ये ‘टिन्नू’… 

एंट्री प्वाइंट्स पर सजे बोर्ड; बाइक रेंटल और टैक्सियों के लिए भी नियम सख्त

सड़क सुरक्षा के इस महा-अभियान के तहत केवल पेट्रोल पंप ही नहीं, बल्कि जिले की सीमाओं पर भी चौकसी बढ़ा दी गई है:

  • जागरूकता बोर्ड की स्थापना: जिले के सभी पेट्रोल पंपों पर ‘नो हेलमेट-नो पेट्रोल’ के बड़े-बड़े जागरूकता और चेतावनी बोर्ड स्थापित कर दिए गए हैं, ताकि उपभोक्ता पहले से सतर्क रहें।

  • बॉर्डर पर पाबंदी की सूचना: नैनीताल जनपद के सभी प्रमुख प्रवेश द्वारों (एंट्री प्वाइंट्स) पर टैक्सी और बाइक रेंटल (Bike Rental) के प्रतिबंधों से संबंधित सूचना बोर्ड भी लगा दिए गए हैं। इन बोर्डों के माध्यम से बाहर से आने वाले पर्यटकों और स्थानीय वाहन चालकों को नियमों की विधिक जानकारी सीमा पर ही मिल जाएगी, जिससे शहर के भीतर उन्हें किसी भी प्रकार की अनावश्यक परेशानी का सामना न करना पड़े।

यह भी पढ़ें 👉 40 मीटर सड़क बनाने में एक साल, अब CCTV से होगी निगरानी’ – लोअर मालरोड की मरम्मत में लापरवाही पर कुमाऊँ आयुक्त दीपक रावत सख्त

चालान काटना उद्देश्य नहीं, कीमती जान बचाना है लक्ष्य: आरटीओ अरविंद पांडे

आरटीओ (प्रवर्तन) अरविंद पांडे द्वारा जिला पूर्ति अधिकारी को भेजे गए विधिक पत्र में इस कड़े फैसले की मुख्य वजह भी साफ की गई है। उन्होंने बताया कि हाल के दिनों में जनपद के भीतर दोपहिया वाहन दुर्घटनाओं में अप्रत्याशित वृद्धि हुई है। इन हादसों में होने वाली मौतों और गंभीर चोटों के मामलों की जब तकनीकी व विधिक समीक्षा की गई, तो सामने आया कि अधिकांश मामलों में चालकों ने हेलमेट नहीं पहना था।

जिला प्रशासन और परिवहन विभाग ने संयुक्त रूप से स्पष्ट किया है कि इन कड़े नियमों और व्यवस्थाओं का मूल उद्देश्य आम जनता को आर्थिक रूप से दंडित करना या उनका चालान काटना कतई नहीं है। इसका एकमात्र उद्देश्य दोपहिया वाहन चालकों को अपनी सुरक्षा के प्रति जागरूक करना, सड़क हादसों की दर को न्यूनतम स्तर पर लाना और देवभूमि के इस महत्वपूर्ण पर्यटक जनपद में एक सुरक्षित व सुचारू यातायात व्यवस्था स्थापित करना है। विभाग द्वारा इस नियम की रियल-टाइम मॉनिटरिंग भी की जा रही है।


Spread the love

You missed