काशीपुर में विजिलेंस का बड़ा धमाका: 20 हजार की रिश्वत लेते जसपुर का जेई (JE) रंगे हाथ गिरफ्तार; वीपीडीयो (VPDO) पर भी केस दर्ज! 👇
काशीपुर/हल्द्वानी: उत्तराखंड में भ्रष्टाचार और रिश्वतखोरी के खिलाफ विजिलेंस (सतर्कता अधिष्ठान) का हंटर लगातार चल रहा है। इसी कड़ी में सोमवार को विजिलेंस की टीम ने एक बड़ी कार्रवाई को अंजाम देते हुए जसपुर ब्लॉक के कनिष्ठ अभियंता (JE) विवेक कुमार को 20 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया।
यह पूरी कार्रवाई काशीपुर के कुंडा क्षेत्र में अचानक दी गई दबिश के दौरान हुई, जिससे पूरे सरकारी महकमे और विकास खंड कार्यालय में हड़कंप मच गया। इसी मामले में भ्रष्टाचार के खेल में शामिल ग्राम पंचायत विकास अधिकारी (VPDO) दीपक सागर के खिलाफ भी भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत वैधानिक कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
वाटर कूलर भुगतान के एवज में मांगी थी घूस; टोल फ्री नंबर 1064 पर हुई थी शिकायत
सतर्कता अधिष्ठान हल्द्वानी से मिली जानकारी के अनुसार, एक पंजीकृत ठेकेदार ने भ्रष्टाचार के खिलाफ जारी मुख्यमंत्री की हेल्पलाइन ‘टोल फ्री नंबर 1064’ पर एक गोपनीय शिकायत दर्ज कराई थी।
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जेई की घूसखोरी: शिकायतकर्ता का आरोप था कि जसपुर ब्लॉक के अंतर्गत उनके द्वारा वाटर कूलर लगाने का कार्य पूरी गुणवत्ता के साथ समय पर पूरा कर लिया गया था। इसके बावजूद फाइनल भुगतान (पेमेंट) जारी करने और फाइल आगे बढ़ाने के एवज में कनिष्ठ अभियंता (JE) विवेक कुमार 20 हजार रुपये की रिश्वत की मांग कर रहे थे।
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वीपीडीयो की डिमांड: पीड़ित ने यह भी आरोप लगाया कि इसी काम के भुगतान के बदले ग्राम पंचायत विकास अधिकारी (VPDO) दीपक सागर ने भी अपने स्तर से ₹12,000 की रिश्वत मांगी थी।
विजिलेंस की ट्रैप टीम ने ऐसे बिछाया जाल
शिकायत प्राप्त होते ही सतर्कता अधिष्ठान हल्द्वानी के पुलिस अधीक्षक (SP) के निर्देश पर मामले की गोपनीय तरीके से प्रारंभिक जांच कराई गई। जांच में जैसे ही दोनों अधिकारियों पर लगे आरोप सही पाए गए, वैसे ही विजिलेंस इंस्पेक्टर के नेतृत्व में एक विशेष ट्रैप टीम का गठन किया गया।
सोमवार को पूर्व निर्धारित रणनीति के तहत शिकायतकर्ता को केमिकल लगी रिश्वत की राशि लेकर भेजा गया। जैसे ही कुंडा क्षेत्र में जेई विवेक कुमार ने शिकायतकर्ता से ₹20,000 की रिश्वत के नोट अपने हाथ में थामे, वैसे ही पहले से घात लगाकर बैठी विजिलेंस की टीम ने उन्हें मौके पर ही दबोच लिया। पानी से हाथ धुलवाते ही जेई की उंगलियां गुलाबी हो गईं, जिससे घूसखोरी की पुष्टि हो गई।
भ्रष्टाचार पर जीरो टॉलरेंस; आम जनता से विजिलेंस की अपील
विजिलेंस अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि मामले में सह-आरोपी बनाए गए वीपीडीयो दीपक सागर के खिलाफ भी भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम (Prevention of Corruption Act) के तहत मुकदमा दर्ज कर वैधानिक कार्रवाई शुरू कर दी गई है। पूरी फाइल और उनके पुराने रिकॉर्ड्स को खंगाला जा रहा है।
उत्तराखंड सरकार की भ्रष्टाचार के प्रति जीरो टॉलरेंस नीति को दोहराते हुए विभाग ने आम जनता से भी अपील की है कि यदि कोई भी सरकारी अधिकारी या कर्मचारी आपके किसी विधिक कार्य के बदले रिश्वत की मांग करता है, तो बिना डरे इसकी सूचना सतर्कता अधिष्ठान के टोल फ्री नंबर 1064 या व्हाट्सएप हेल्पलाइन नंबर 9456592300 पर दें। शिकायत करने वाले नागरिक की पहचान पूरी तरह से गुप्त और गोपनीय रखी जाएगी।





