देवभूमि जन हुंकार, देहरादून (02 अगस्त 2026): वर्ष 2027 के उत्तराखंड विधानसभा चुनाव की आहट के बीच क्षेत्रीय दल उत्तराखंड क्रांति दल (यूकेडी) ने अपनी नीतिगत दिशा स्पष्ट करते हुए बड़ा राजनीतिक दांव खेला है। यूकेडी की नीति निर्धारण समिति ने अपने बहुप्रतीक्षित नीति दस्तावेज़ “संकल्प – नए उत्तराखण्ड का” का प्रथम भाग जारी कर राज्य के भविष्य, अस्मिता और अधिकारों को लेकर अपना विस्तृत एजेंडा जनता के सामने रखा है।
5 प्रमुख प्राथमिकताएं: अनुच्छेद 371 से लेकर सशक्त भू-कानून तक
नीति निर्धारण समिति के अध्यक्ष डॉ. नारायण सिंह जंतवाल ने प्रेस वार्ता के दौरान अपने नीति एजेंडे की पाँच प्रमुख प्राथमिकताओं की घोषणा की। उन्होंने कहा कि यदि आगामी चुनावों में प्रदेश की जनता का समर्थन यूकेडी को प्राप्त होता है, तो पार्टी निम्नलिखित ऐतिहासिक सुधार लागू करेगी:
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अनुच्छेद 371 का संरक्षण: संविधान के अनुच्छेद 371 के तहत उत्तराखंड को विशेष संवैधानिक सुरक्षा प्रदान की जाएगी।
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मूल निवास व्यवस्था: मूल निवास व्यवस्था को वैधानिक एवं कानूनी मान्यता दी जाएगी।
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सशक्त भू-कानून: राज्य की भौगोलिक एवं सामाजिक आवश्यकताओं के अनुरूप सशक्त एवं आधुनिक भू-कानून लागू होगा।
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पलायन का समाधान: पर्वतीय क्षेत्रों से हो रहे विवश पलायन का स्थायी समाधान निकाला जाएगा।
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आरक्षण के भीतर आरक्षण: आरक्षण के भीतर आरक्षण की व्यवस्था लागू कर वास्तव में वंचित और पिछड़े वर्गों तक न्याय सुनिश्चित किया जाएगा।
नीति निर्धारण समिति के संयोजक डॉ. सुरेश सिंह नेगी ने कहा कि उत्तराखंड के समग्र विकास, युवाओं के रोजगार और राज्य की जल-जंगल-जमीन की रक्षा के लिए इन पांचों बिंदुओं पर ठोस नीति निर्माण अनिवार्य है।
“मूल निवास किसी का अहित नहीं, उत्तराखंडियों को न्याय देने की व्यवस्था”
पार्टी ने प्रेस वार्ता में स्पष्ट किया कि प्रस्तावित मूल निवास व्यवस्था किसी अन्य वर्ग के अधिकारों का हनन करने के लिए नहीं, बल्कि उत्तराखंड के मूल निवासियों को शिक्षा, रोजगार, भूमि अधिकारों, सरकारी योजनाओं, उद्यमिता तथा सरकारी निविदाओं (Tenders) में न्यायसंगत अवसर उपलब्ध कराने के उद्देश्य से लागू की जाएगी।
पत्रकारों के सवालों का जवाब देते हुए यूकेडी के पूर्व केंद्रीय अध्यक्ष एवं पूर्व विधायक काशी सिंह ऐरी ने कहा:
” ‘संकल्प – नए उत्तराखण्ड का’ केवल कोई चुनावी घोषणा पत्र नहीं है, बल्कि यह उत्तराखंड के भविष्य, स्वाभिमान और स्थायी विकास का नीति दस्तावेज़ है, जिसे राज्य की जनता के साथ मिलकर आगे बढ़ाया जाएगा।”
भीमताल सीट पर पूरे दम-खम से चुनाव लड़ेगी यूकेडी
उधर, प्रेस को जारी विज्ञप्ति में यूकेडी नेता प्रेम सिंह कुल्याल ने स्पष्ट किया कि उत्तराखंड क्रांति दल कुमाऊं मंडल की भीमताल विधानसभा सीट पर पूरी राजनीतिक ताकत और दम-खम के साथ चुनाव मैदान में उतरेगी।
प्रेस वार्ता का सफल संचालन केंद्रीय महामंत्री विजय बौड़ाई ने किया। इस दौरान केंद्रीय अध्यक्ष सुरेंद्र कुकरेती, डॉ. शैलशक्ति कपरवान, नीति निर्धारण समिति सदस्य पंकज व्यास, मीनाक्षी घिड़ियाल, वरिष्ठ नेता लताफत हुसैन, कार्यकारी अध्यक्ष जय प्रकाश उपाध्याय, उपाध्यक्ष बहादुर सिंह रावत, महामंत्री (संगठन) गणेश काला, केंद्रीय सह-मीडिया प्रभारी प्रकाश भट्ट, विजेंद्र रावत, राजनीतिन रावत, नैना लखेड़ा, शिवनंदन बिष्ट, डॉ. पंकज पैन्यूली सहित बड़ी संख्या में पार्टी पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
देहरादून: वर्ष 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले उत्तराखंड क्रांति दल (यूकेडी) ने अपना बहुप्रतीक्षित नीति दस्तावेज़ “संकल्प – नए उत्तराखण्ड का” का प्रथम भाग जारी किया।
नीति निर्धारण समिति के अध्यक्ष डॉ. नारायण सिंह जंतवाल और संयोजक डॉ. सुरेश सिंह नेगी ने एजेंडे की 5 प्रमुख प्राथमिकताएं घोषित कीं:
1. अनुच्छेद 371 के तहत विशेष संवैधानिक सुरक्षा।
2. मूल निवास व्यवस्था को कानूनी मान्यता।
3. राज्य की आवश्यकताओं के अनुरूप सशक्त एवं आधुनिक भू-कानून।
4. पलायन का स्थायी समाधान।
5. आरक्षण के भीतर आरक्षण लागू कर वंचितों को न्याय।
पूर्व केंद्रीय अध्यक्ष व पूर्व विधायक काशी सिंह ऐरी ने कहा कि यह दस्तावेज़ उत्तराखंड के स्वाभिमान और स्थायी विकास का रोडमैप है। उधर, प्रेम सिंह कुल्याल ने ऐलान किया कि यूकेडी भीमताल विधानसभा सीट पर पूरे दम-खम के साथ चुनाव लड़ेगी।
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