नैनीताल के मुख्य शिक्षा अधिकारी और जिला प्रशासन की टीम स्कूलों की जांच
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नैनीताल: निजी स्कूलों की मनमानी पर प्रशासन का ‘हंटर’, 4 और बड़े स्कूलों को नोटिस, अब तक 105 पर गिर चुकी है गाज

हल्द्वानी/नैनीताल, 12 मई 2026: नैनीताल जनपद में निजी स्कूलों द्वारा अभिभावकों के आर्थिक शोषण और पुस्तकों के नाम पर चल रहे ‘कमीशन खेल’ के खिलाफ जिला प्रशासन ने अब अपना रुख और भी सख्त कर दिया है। जिलाधिकारी ललित मोहन रयाल के आदेश पर शिक्षा विभाग ने चार और नामी स्कूलों को कारण बताओ नोटिस जारी कर हड़कंप मचा दिया है। इसके साथ ही जनपद में नोटिस पाने वाले स्कूलों का आंकड़ा 105 तक पहुँच गया है।

इन 4 बड़े स्कूलों पर गिरी गाज

मुख्य शिक्षा अधिकारी गोविंद राम जायसवाल द्वारा की गई ताज़ा कार्रवाई में इन स्कूलों को निशाने पर लिया गया है:

  1. माउंट कार्मल सेरा स्कूल (लामाचौड़)

  2. हैप्पी स्टेप्स स्कूल (देवलचौड़)

  3. एवर ग्रीन सीनियर सेकेंडरी स्कूल (बेरीपड़ाव)

  4. लेक्स इंटरनेशनल स्कूल (भीमताल)

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महंगी किताबें और ‘कमीशन’ का आरोप

जांच में सामने आया है कि इन स्कूलों ने एनसीईआरटी (NCERT) की सस्ती और मानक पुस्तकों के स्थान पर निजी प्रकाशकों की महंगी किताबें अनिवार्य कर दी थीं। साथ ही, अभिभावकों पर विशिष्ट विक्रेताओं से ही वर्दी और किताबें खरीदने का अप्रत्यक्ष दबाव बनाया जा रहा था। प्रशासन ने इसे शिक्षा का अधिकार अधिनियम (RTE) और उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम का खुला उल्लंघन माना है।

15 दिन का अल्टीमेटम: पैसा लौटाना होगा या फीस में होगा एडजस्ट

मुख्य शिक्षा अधिकारी ने सख्त लहजे में निर्देश दिए हैं कि:

  • स्कूल तत्काल प्रभाव से संशोधित पुस्तक सूची जारी कर NCERT की किताबों को लागू करें।

  • अपनी वेबसाइट पर शुल्क संरचना (Fee Structure) को सार्वजनिक करें।

  • जो अनावश्यक पुस्तकें अभिभावक खरीद चुके हैं, उनका पैसा वापस किया जाए या उसे अगले महीनों की फीस में समायोजित (Adjust) किया जाए।

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मान्यता रद्द करने की चेतावनी

जिलाधिकारी द्वारा गठित जांच समितियां अगले 15 दिनों में अपनी विस्तृत रिपोर्ट सौंपेंगी। प्रशासन ने साफ कर दिया है कि यदि स्कूल आदेशों का पालन नहीं करते हैं, तो उनकी मान्यता रद्द (De-recognition) करने जैसी कठोर दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी।


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