देवभूमि जन हुंकार, हल्द्वानी (03 अगस्त 2026): हल्द्वानी स्थित उत्तराखंड मुक्त विश्वविद्यालय (UOU) के आंतरिक गुणवत्ता आश्वासन केंद्र (CIQA) द्वारा “राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 एवं मुक्त एवं दूरस्थ शिक्षा में गुणवत्ता” विषय पर एक विशेष व्याख्यान का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में महात्मा गांधी चित्रकूट ग्रामोदय विश्वविद्यालय, मध्य प्रदेश के पूर्व कुलपति प्रो. एन. सी. गौतम मुख्य वक्ता के रूप में उपस्थित रहे।
‘शिक्षक का काम केवल ज्ञान देना नहीं, समाज में सकारात्मक बदलाव लाना है’
अपने प्रेरणादायी व्याख्यान में प्रो. एन. सी. गौतम ने कहा कि एक शिक्षक का दायित्व केवल पुस्तकीय ज्ञान प्रदान करना नहीं है, बल्कि विद्यार्थियों के भीतर समाज के प्रति सकारात्मक परिवर्तन लाने की आंतरिक प्रतिबद्धता विकसित करना भी है। उन्होंने शिक्षण कार्यक्रमों को अधिक शिक्षार्थी-केंद्रित (Learner-Centric) बनाने पर बल देते हुए कहा कि प्रत्येक शैक्षणिक पहल का केंद्र शिक्षार्थी की आवश्यकताएँ और उसका समग्र विकास होना चाहिए।
प्रो. गौतम ने राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के पाँच प्रमुख स्तंभों की व्याख्या करते हुए बहुविषयक (Multidisciplinary) दृष्टिकोण के माध्यम से विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास की बात कही। उन्होंने कौशल-आधारित शिक्षा (Skill-based Education) की आवश्यकता को रेखांकित करते हुए सुझाव दिया कि विश्वविद्यालयों को उद्योगों से निरंतर संवाद स्थापित करना चाहिए ताकि वर्तमान समय की माँग के अनुरूप पाठ्यक्रम और नए सर्टिफिकेट व डिप्लोमा कार्यक्रम विकसित किए जा सकें।
उद्योग-अकादमिक साझेदारी और सुलभ पाठ्यक्रमों की आवश्यकता
प्रो. गौतम ने उद्योग और अकादमिक जगत (Industry-Academia Partnership) के बीच मजबूत साझेदारी पर बल दिया। उन्होंने लघु क्रेडिट आधारित अध्ययन सामग्री, पुस्तकों के लेखन तथा विद्यार्थियों को क्रेडिट अर्जित करने के अधिक अवसर उपलब्ध कराने का सुझाव दिया। उन्होंने कहा कि पाठ्यक्रमों में समय-समय पर संशोधन, उन्नयन और कौशल आधारित घटकों का समावेश किया जाना आवश्यक है। साथ ही उन्होंने विश्वविद्यालय की आधिकारिक वेबसाइट को और अधिक शिक्षार्थी-अनुकूल बनाने की बात कही।
अग्रणी विश्वविद्यालयों की बेस्ट प्रैक्टिसेस अपनाएगा UOU: कुलपति प्रो. लोहनी
कार्यक्रम में उत्तराखंड मुक्त विश्वविद्यालय के माननीय कुलपति प्रो. नवीन चन्द्र लोहनी ने कहा कि UOU निरंतर गुणवत्ता सुधार की दिशा में तत्परता से कार्य कर रहा है। उन्होंने प्रतिबद्धता व्यक्त की कि पाठ्यक्रमों में कौशल विकास को और अधिक सशक्त बनाने के साथ-साथ देश के अन्य अग्रणी विश्वविद्यालयों की सफल एवं नवाचारी पहलों को अपनाकर UOU की शैक्षणिक गुणवत्ता को नई ऊँचाइयों तक पहुँचाया जाएगा।
कार्यक्रम संयोजन एवं परिसर में वृक्षारोपण
कार्यक्रम का कुशल संयोजन सीआईक्यूए के अपर निदेशक प्रो. गगन सिंह द्वारा किया गया, जबकि सीआईक्यूए के निदेशक प्रो. गिरिजा प्रसाद पाण्डे ने अतिथियों का धन्यवाद ज्ञापित किया। इस विशेष सत्र में प्रो. पी. डी. पंत, प्रो. रेणु प्रकाश, प्रो. दीगर फरस्वाण सहित विभिन्न विद्याशाखाओं के निदेशक, प्राध्यापक व सहायक प्राध्यापक उपस्थित रहे।
व्याख्यान समाप्त होने के उपरांत मुख्य अतिथि प्रो. एन. सी. गौतम, माननीय कुलपति प्रो. नवीन चन्द्र लोहनी और संकाय सदस्यों ने विश्वविद्यालय परिसर में वृक्षारोपण कर पर्यावरण संरक्षण तथा सतत विकास (Sustainable Development) का संदेश दिया।
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