नैनीताल: कुमाऊं आयुक्त दीपक रावत का तहसील में छापा, लापरवाह अधिकारियों और पटवारियों पर गिरी गाज
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कुमाऊं आयुक्त दीपक रावत का कड़ा एक्शन: लापरवाही पर एसडीएम और तहसीलदार को फटकार, कई कर्मियों को प्रतिकूल प्रविष्टि के निर्देश

नैनीताल, 11 मई 2026: कुमाऊं आयुक्त और मुख्यमंत्री के सचिव दीपक रावत ने सोमवार को नैनीताल स्थित एसडीएम कार्यालय, तहसील और निबंधन (रजिस्ट्रार) कार्यालय का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान व्यवस्थाओं में भारी खामियां मिलने पर आयुक्त का पारा चढ़ गया। उन्होंने कार्य में लापरवाही बरतने वाले पटवारियों और राजस्व कर्मियों के खिलाफ सख्त अनुशासनात्मक कार्यवाही और ‘प्रतिकूल प्रविष्टि’ (Adverse Entry) देने के कड़े निर्देश जारी किए हैं।

निरीक्षण के दौरान आयुक्त ने जब राजस्व न्यायालय की समीक्षा की, तो पाया कि धारा 229-बी के तहत कुछ मामले 15 से 20 वर्षों से लंबित हैं। इस पर गहरी नाराजगी जताते हुए उन्होंने उपजिलाधिकारी (SDM) को निर्देश दिए कि पुराने मामलों में लंबी तारीखें न दी जाएं, बल्कि सप्ताह में एक बार सुनवाई कर इनका त्वरित निस्तारण किया जाए।

संपत्ति बंटवारे (धारा 176) के मामलों की जांच में खुलासा हुआ कि एसडीएम के आदेश के बावजूद संबंधित पटवारियों ने ‘कुर्रे’ (बंटवारे की रिपोर्ट) दाखिल नहीं किए। आयुक्त ने इसे जनता के साथ अन्याय बताते हुए लापरवाही बरतने वाले पटवारियों की सूची तैयार कर उन्हें कारण बताओ नोटिस और कड़ी कार्रवाई के निर्देश दिए।

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धारा 143 (भूमि अकृषक करना) से संबंधित फाइलों के निरीक्षण में राजस्व अहलमद रोहित पालीवाल द्वारा संतोषजनक जवाब न देने और अभिलेखों का रखरखाव सही न पाए जाने पर आयुक्त ने तत्काल प्रतिकूल प्रविष्टि देने के निर्देश दिए। उन्होंने एसडीएम और तहसीलदार को सख्त लहजे में कहा कि जब तक आज तहसील के सभी लंबित 143 प्रकरणों का निस्तारण नहीं हो जाता, तब तक कार्यालय खुला रहेगा।

सब-रजिस्ट्रार कार्यालय के निरीक्षण में भी भारी गड़बड़ी पाई गई। रजिस्ट्री होने के बाद क्रेता को दस्तावेज देने के लिए कोई ‘रिविसिंग पंजिका’ उपलब्ध नहीं थी और कई रजिस्ट्री का विवरण मौके पर मौजूद नहीं था। इस पर आयुक्त ने सब-रजिस्ट्रार से स्पष्टीकरण (Show Cause Notice) तलब किया है।

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दीपक रावत ने अधिकारियों को दो-टूक कहा कि जनता को कार्यालयों के चक्कर न काटने पड़ें, इसके लिए पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित की जाए। सभी वादों को RCMS पोर्टल पर अनिवार्य रूप से अपलोड करने के निर्देश भी दिए गए।

इस दौरान अपर जिलाधिकारी सौरभ असवाल, प्रशिक्षु आईएएस दिव्यांशु मीणा और तहसीलदार अक्षत कुमार भट्ट सहित कई अधिकारी मौजूद रहे।


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